छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए, 2 जवान हुए शहीद

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बुधवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कम से कम छह नक्सली ढेर हो गए.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में कम से कम छह नक्सली ढेर हो गए. इस मुठभेड़ के दौरान जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दो वीर जवानों ने भी देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए.

मुठभेड़ कहां हुई?

अधिकारियों के मुताबिक नक्सल विरोधी अभियान के तहत यह मुठभेड़ दंतेवाड़ा और बीजापुर की सीमा से लगे वनक्षेत्र गंगालूर इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल लंबे समय से नक्सलियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे. सूत्रों के अनुसार, डीआरजी, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और सीआरपीएफ की विशिष्ट इकाई कोबरा की संयुक्त टीम इस अभियान में शामिल थी. 

अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की घेराबंदी को तोड़ने की कोशिश की, जिसके चलते गोलीबारी तेज हो गई. दंतेवाड़ा रेंज के उप महानिरीक्षक कमलोचन कश्यप ने बताया कि करीब दो घंटे तक चली इस मुठभेड़ में अब तक छह नक्सलियों के शव बरामद किए जा चुके हैं. हालांकि, उम्मीद है कि मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि सुरक्षा बलों ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है.

राज्य में नक्सल विरोधी अभियान लगातार तेज़ी से जारी है. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में अब तक 268 नक्सली सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं. इनमें से 239 मौतें बस्तर संभाग के सात जिलों बीजापुर और दंतेवाड़ा सहित में दर्ज की गई हैं, जबकि रायपुर संभाग के गरियाबंद में 27 और दुर्ग के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में दो नक्सली ढेर हुए हैं. इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की सतर्कता और कार्रवाई लगातार मजबूत होती जा रही है.

30 नवंबर को बड़ी संख्या में नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

इससे पहले 30 नवंबर को दंतेवाड़ा में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया था. कुल 37 नक्सलियों ने पूना नर्केम पहल के तहत आत्मसमर्पण किया, जिनमें 12 महिलाएं भी शामिल थीं. इनमें से 27 नक्सलियों पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में कई कुख्यात नक्सली भी शामिल थे जिन पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था.

राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को तत्काल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है. इसके साथ ही उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण, कृषि भूमि और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी, ताकि वे समाज में दोबारा सम्मानपूर्वक जीवन बिता सकें.

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