देश में इन दिनों संसद का मानसून सत्र चल रहा है, जो 21 अगस्त 2025 तक चलेगा. इस सत्र के दौरान देशभर से 17 लोकसभा सांसदों को उनके उत्कृष्ट कार्य और योगदान के लिए ‘संसद रत्न सम्मान 2025’ से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान लोकसभा में उनके अनुकरणीय प्रदर्शन को देखते हुए दिया जा रहा है.
जिन सांसदों को दिए जा रहे हैं, उनमें शामिल हैं...
भर्तृहरि महताब (भारतीय जनता पार्टी, ओडिशा): लगातार कई बार अपने उत्कृष्ट भाषण और संसदीय उपस्थिति के लिए पहचान बनाए रखने वाले सांसद हैं.
एन के प्रेमचंद्रन (रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल): विपक्ष की सशक्त आवाज रहे हैं और विधायी कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
सुप्रिया सुले (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरद पवार गुट, महाराष्ट्र): सामाजिक मुद्दों पर मुखर रही हैं और महिलाओं से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा करती रही हैं.
श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना, महाराष्ट्र): उन्होंने संसदीय बहसों में सक्रिय भूमिका निभाई है और विकास से जुड़े मसलों पर जोरदार वक्तव्य दिए हैं.
अन्य सम्मानित सांसदों में शामिल हैं...
स्मिता उदय वाघ (भाजपा)
नरेश म्हस्के (शिवसेना)
वर्षा गायकवाड़ (कांग्रेस)
मेधा कुलकर्णी (भाजपा)
प्रवीण पटेल (भाजपा)
विद्युत बरण महतो (भाजपा)
दिलीप सैकिया (भाजपा)
इन सभी जनप्रतिनिधियों को इस सम्मान के माध्यम से उनकी जनसेवा, जनप्रतिनिधित्व और संसद में निरंतर भागीदारी के लिए सराहा जाएगा. यह पहल संसदीय संस्कृति को मजबूत करने और बेहतर प्रतिनिधित्व को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
4 सांसदों को मिलेगा विशेष जूरी पुरस्कार
इस बार चार सांसदों को विशेष जूरी सम्मान भी दिया जाएगा. यह पुरस्कार उन सांसदों को मिल रहा है जिन्होंने लगातार तीन बार लोकसभा में बेहतर काम किया है.
इनमें शामिल हैं:
भर्तृहरि महताब (भाजपा, ओडिशा)
एन के प्रेमचंद्रन (रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, केरल)
सुप्रिया सुले (NCP-SP, महाराष्ट्र)
श्रीरंग अप्पा बारणे (शिवसेना, महाराष्ट्र)
First Updated : Saturday, 26 July 2025