शनिवार से SIR का तीसरा चरण शुरू, 16 राज्यों में घर-घर पहुंचेंगे BLO

भारत निर्वाचन आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत की है, जिसमें करीब 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा. इस अभियान के तहत लाखों BLO घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे, ताकि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाया जा सके.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने देश की चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की शुरुआत करने का ऐलान किया है. यह अभियान 30 मई से शुरू होगा और इसके तहत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का व्यापक सत्यापन किया जाएगा. निर्वाचन आयोग के अनुसार इस प्रक्रिया से करीब 36.73 करोड़ मतदाता प्रभावित होंगे.

आयोग ने क्या कहा? 

आयोग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इस अभियान को सफल बनाने के लिए 3.94 लाख से ज्यादा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे. इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे.

निर्वाचन आयोग ने बताया कि यह कार्यक्रम वर्तमान जनगणना और मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया के साथ तालमेल बैठाकर तैयार किया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए. इस चरण में दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, महाराष्ट्र, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नगालैंड और त्रिपुरा समेत कई राज्यों में पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. इसके साथ ही चंडीगढ़ तथा दादर और नगर हवेली व दमन और दीव जैसे केंद्र शासित प्रदेश भी इसमें शामिल होंगे.

निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग राज्यों के लिए BLO द्वारा घर-घर सत्यापन की तारीखें भी तय की हैं. कुछ राज्यों में यह प्रक्रिया मई के अंत से शुरू होगी, जबकि अन्य राज्यों में जून और सितंबर तक चरणबद्ध तरीके से अभियान चलेगा. पुनरीक्षण पूरा होने के बाद संबंधित राज्यों में अलग-अलग तारीखों पर अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के फॉर्म वापस नहीं मिलेंगे, उनके बारे में BLO आसपास के लोगों से जानकारी जुटाकर अनुपस्थिति, मृत्यु, स्थानांतरण या दोहरी प्रविष्टि जैसी स्थितियों की जांच करेंगे. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि इस प्रक्रिया से जुड़े किसी भी अधिकारी का तबादला निर्वाचन आयोग की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा.

इससे पहले बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और अन्य कई राज्यों में SIR प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. आयोग के अनुसार दूसरे चरण के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जिनमें लाखों मृत मतदाताओं के नाम भी शामिल थे.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की अपील 

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सभी मतदाताओं से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखना और चुनाव प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय बनाना है.

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