होर्मुज स्ट्रेट पर बड़ी राहत, अमेरिकी नेवी हटाएगी नाकेबंदी: ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से परमाणु हथियार न बनाने की शर्त रखते हुए होर्मुज स्ट्रेट को बिना रोक-टोक खोलने की मांग की है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु समझौते और युद्धविराम बढ़ाने को लेकर बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी है.

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में अहम प्रगति हो सकती है. ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि ईरान को यह स्पष्ट रूप से स्वीकार करना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या परमाणु बम विकसित नहीं करेगा. साथ ही उन्होंने मांग की कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत दोनों दिशाओं में बिना किसी टोल और बाधा के जहाजों की आवाजाही के लिए खोल दिया जाए.
ट्रंप का दावा
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि समुद्री मार्ग में मौजूद संभावित वॉटर माइन्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना के अत्याधुनिक अंडरवॉटर माइन स्वीपर्स ने कई माइन्स को पहले ही निष्क्रिय कर दिया है. ट्रंप के अनुसार, यदि कुछ माइन्स अभी भी बची हैं तो ईरान उन्हें तुरंत हटाएगा या नष्ट करेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की मजबूत नौसैनिक घेराबंदी के कारण होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाज अब सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर लौट सकेंगे, क्योंकि इस क्षेत्र में लागू ब्लॉकेड हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. ट्रंप ने अपने बयान में हल्के अंदाज में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने परिवारों तक उनका “नमस्कार” पहुंचाएं.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जमीन के भीतर दबे उस परमाणु सामग्री को भी अमेरिका और ईरान मिलकर नष्ट करेंगे, जिसे उन्होंने “न्यूक्लियर डस्ट” कहा. ट्रंप के मुताबिक, यह सामग्री कथित रूप से पिछले वर्ष अमेरिकी B-2 बॉम्बर हमलों के बाद मलबे के नीचे दब गई थी. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) भी शामिल होगी और पूरे ऑपरेशन की निगरानी करेगी.
रिपोर्ट्स में क्या दावा किया गया?
इसी बीच रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौता ज्ञापन यानी एमओयू को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के वार्ताकार प्रारंभिक सहमति तक पहुंच गए हैं, हालांकि अंतिम मंजूरी अभी बाकी है. व्हाइट हाउस ने भी संकेत दिए हैं कि मौजूदा युद्धविराम को 60 दिनों तक आगे बढ़ाया जा सकता है, ताकि इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विस्तृत वार्ता जारी रह सके.
सूत्रों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप अभी इस समझौते पर अंतिम फैसला लेने से पहले समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, मध्यस्थ देशों के कुछ राजनयिकों का कहना है कि बातचीत अभी पूरी तरह अंतिम चरण में नहीं पहुंची है और ईरान की ओर से भी औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है.


