राम मंदिर दान चोरी केस: अब बड़ी मछलियों पर कसेगा शिकंजा, साइबर टीम जोड़ रही सबूत

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच अब अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ रही है। अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों का फोकस इस पूरे खेल में शामिल बड़े नामों पर है।

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अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच अब अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ रही है। अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों का फोकस इस पूरे खेल में शामिल बड़े नामों पर है। इसके लिए डिजिटल सबूतों और साइबर फॉरेंसिक की मदद ली जा रही है।  

डिलीट डेटा से खुलेंगे नए राज   

जांच एजेंसियां आरोपियों के मोबाइल फोन को खंगाल रही हैं। अविनाश शुक्ला और टिन्नू यादव से पूछताछ के बाद मिले सुरागों के आधार पर बाकी संभावित आरोपियों की भूमिका चेक की जा रही है।  

सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल से डिलीट किए गए व्हाट्सऐप चैट, टेक्स्ट मैसेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड रिकवर किए जा रहे हैं। जिन आरोपियों ने हाल में नया फोन लिया है, उनके पुराने फोन भी कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

पुराने व्हाट्सएप अकाउंट की चैट हिस्ट्री निकालने की कोशिश हो रही है ताकि संपर्कों की पूरी चेन सामने आ सके। पुलिस का कहना है कि किसी को भी नया आरोपी बनाने से पहले ठोस डिजिटल और तकनीकी सबूत जुटाए जाएंगे। इसी वजह से जांच थोड़ी धीमी जरूर है, लेकिन पुख्ता है।  

अयोध्या से लखनऊ तक साइबर एक्सपर्ट की टीम एक्टिव   

इस केस में अब 20 से ज्यादा साइबर एक्सपर्ट लगे हुए हैं। अयोध्या और लखनऊ मुख्यालय की संयुक्त टीम डिजिटल साक्ष्यों को रिकवर करने और उनका मिलान करने में जुटी है।  

एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो और मैसेज को आपस में मिलाकर देख रही हैं कि आरोपियों के तार ट्रस्ट के किन पदाधिकारियों या अन्य लोगों से जुड़ते हैं। सर्विलांस के जरिए आरोपियों के रिश्तेदारों और करीबी संपर्कों पर भी नजर रखी जा रही है।  

जांच के रडार पर ये पॉइंट   

- सीडीआर एनालिसिस: किससे कब और कितनी बार बात हुई  
- डिलीट चैट रिकवरी: व्हाट्सएप की पुरानी बातचीत निकालना  
- मोबाइल फॉरेंसिक: पुराने और नए दोनों फोन की जांच  
- सोशल मीडिया स्कैन: पोस्ट, वीडियो और स्टेटस का विश्लेषण  
- डिजिटल दस्तावेज: ट्रांजेक्शन और टेक्स्ट मैसेज की पड़ताल  
- संपर्कों पर निगरानी: करीबी और रिश्तेदारों की गतिविधियों पर नजर  

क्या है मामला  

राम मंदिर में चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप लगने के बाद अविनाश शुक्ला और टिन्नू यादव को गिरफ्तार किया गया था। शुरुआती पूछताछ में जो नाम सामने आए, उसी आधार पर अब जांच का दायरा बढ़ाया गया है।  

अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल सबूतों की कड़ियां जुड़ते ही इस मामले में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल टीम एक-एक लिंक को जोड़कर पूरी चेन तैयार कर रही है, ताकि कोर्ट में मजबूत चार्जशीट दाखिल की जा सके।   First Updated : Sunday, 05 July 2026