'1000 मिसाइलें तैयार', ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का पलटवार, कहा- 'अब नहीं होगी कोई बातचीत'
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी नेतृत्व को निशाना बनाने की किसी भी धमकी पर अमल किया गया तो अमेरिका जोरदार सैन्य जवाब देगा. इसके बाद ईरान ने भी इस बात का करारा जवाब दिया है.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी नेतृत्व को निशाना बनाने की किसी भी धमकी पर अमल किया गया तो अमेरिका जोरदार सैन्य जवाब देगा. डोनाल्ड ट्रंप इस चेतावनी के बाद एक बार फिर मामला हाथ से निकलता हुआ नजर आ रहा है.
शांति वार्ता को लेकर किया इनकार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत की संभावना से इनकार कर दिया है. तेहरान का कहना है कि जब तक वॉशिंगटन अपने मौजूदा रुख में बदलाव नहीं करता, तब तक वार्ता का कोई सवाल ही नहीं उठता. इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध और गहरा गया है.
हमलों को लेकर तेज हुए संघर्ष
पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच केवल बयानबाजी ही नहीं, बल्कि सैन्य गतिविधियां देखने को मिली है. होर्मुज जलमार्ग के आसपास जहाजों पर हुए हमलों के बाद हालात तेजी से बिगड़े और संघर्ष का दायरा कई इलाकों तक फैल गया है. रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए है, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बनाने का दावा किया है.
डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी
इसी बीच ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि अगर ईरान की ओर से अमेरिका या अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ किसी भी प्रकार की घातक कार्रवाई की गई, तो अमेरिका व्यापक सैन्य अभियान शुरू करेगा. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक कार्रवाई जारी रख सकती है.
ईरान ने अमेरिका पर लगाया आरोप
वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर युद्धविराम और पूर्व सहमतियों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि ईरान ने अपने दायित्वों का पालन किया, लेकिन अमेरिका लगातार समझौतों की अनदेखी कर रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा परिस्थितियों में स्थायी युद्धविराम की संभावना बेहद कमजोर हो गई है. इसी बीच दोनों देशों की ओर से लगातार आ रहे आक्रामक बयानों और सैन्य तैयारियों ने पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा दी है. अगर कूटनीतिक प्रयास जल्द शुरू नहीं हुए, तो क्षेत्र एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकता है.


