पाकिस्तान हमले पर अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मुत्तकी का वार, ट्रंप के बगराम दावे को नकारा
अफ़ग़ान विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी ने पाकिस्तान के हवाई हमले को ग़लत बताते हुए कहा कि समस्याओं का हल ताक़त से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति से होना चाहिए. उन्होंने ज़ोर दिया कि अफ़ग़ानिस्तान किसी भी विदेशी सेना को स्वीकार नहीं करेगा और भारत के साथ रिश्तों को सकारात्मक रूप से आगे बढ़ा रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर ख़ान मुत्तक़ी ने शुक्रवार को काबुल में पाकिस्तान के हालिया हवाई हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के कदम समस्याओं का हल नहीं हैं. उन्होंने जोर दिया कि बातचीत और कूटनीति ही सही रास्ता है और देशों को अपने मुद्दे ताक़त के बजाय आपसी संवाद से सुलझाने चाहिए. मुत्तक़ी के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान का भूगोल क्षेत्रीय शांति और व्यापार दोनों के लिए महत्वपूर्ण है और यह एक स्थायी पारगमन मार्ग बनने की क्षमता रखता है.
पाकिस्तान को चेतावनी
मुत्तक़ी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार का यह कदम ग़लत है. उनके शब्दों में, “अगर कोई अफ़ग़ानिस्तान में ताक़त दिखाने की कोशिश करता है, तो उसे ब्रिटेन, सोवियत संघ और अमेरिका से सबक लेना चाहिए. तीनों ने कोशिश की, लेकिन अंत में विफल रहे.” उन्होंने सीमावर्ती इलाकों में हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि काबुल में सुनाई दिए धमाके की प्रकृति स्पष्ट नहीं है और किसी हताहत की सूचना नहीं है.
शांति पर ज़ोर
विदेश मंत्री ने सवाल उठाया कि आखिर कुछ देशों को अफ़ग़ानिस्तान में चार दशकों बाद आई शांति से समस्या क्यों है. उन्होंने कहा कि शांति और समृद्धि सभी के लिए फ़ायदेमंद हैं. मुत्तक़ी ने यह भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान भारत और पाकिस्तान दोनों से समान स्तर पर अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन यह प्रयास अकेले संभव नहीं है, इसके लिए क्षेत्रीय सहयोग ज़रूरी है.
VIDEO | Delhi: "I think it’s a wrong step by the Pakistan government. Such issues cannot be resolved by strength... If someone dares to commit such acts, they should first talk to Britain, the USSR, and America-they’ll tell them it’s not good to play such games with Afghanistan,… pic.twitter.com/J2SVscqQMB
— Press Trust of India (@PTI_News) October 10, 2025
ट्रंप के बगराम दावे पर प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बगराम एयरबेस पर दोबारा कब्ज़ा करने के दावे पर मुत्तक़ी ने स्पष्ट किया कि अफ़ग़ान जनता किसी भी विदेशी सेना को स्वीकार नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि हम स्वतंत्र और स्वाभिमानी राष्ट्र हैं. आप हमारे साथ संबंध रखना चाहते हैं तो राजनयिक मिशन स्थापित करें, लेकिन हमारी धरती पर सैनिक वर्दी में किसी और को हम मंज़ूर नहीं करेंगे.
भारत-अफ़ग़ान संबंधों पर सकारात्मक संकेत
भारत के साथ रिश्तों पर बोलते हुए मुत्तक़ी ने कहा कि भारत ने अपने तकनीकी मिशन को दूतावास स्तर तक अपग्रेड करने का फ़ैसला किया है और अफ़ग़ानिस्तान भी अपने राजनयिक भेजेगा. उन्होंने इन संबंधों को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि दोनों देशों की कूटनीति सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है.
महिलाओं के अधिकार पर बयान
तालिबान शासन में महिलाओं के अधिकारों के सवाल पर मुत्तक़ी ने दावा किया कि अब अफ़ग़ानिस्तान पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि 2021 से पहले रोज़ सैकड़ों लोग मारे जाते थे, लेकिन अब शांति है और महिलाएं सुरक्षित हैं. उनके अनुसार, अधिकारों के दमन की बातें दुष्प्रचार मात्र हैं, क्योंकि यदि जनता नाखुश होती तो आज यह स्थिरता संभव नहीं होती.


