मध्य एशियाई राजनीति के केंद्र में फिर से बांग्लादेश है, जहां अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अवामी लीग को लेकर नया बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अवामी लीग एक वैध राजनीतिक दल है, लेकिन इसकी गतिविधियां फिलहाल निलंबित हैं. यह टिप्पणी इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि मई 2025 में बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने शेख हसीना की पार्टी पर प्रतिबंध लगाकर उसका पंजीकरण भी रद्द कर दिया था. ऐसे में यूनुस का यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में विरोधाभासी माना जा रहा है और इसे संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है.
यूनुस ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान एक मीडिया संगठन को दिए इंटरव्यू में कहा कि अवामी लीग की गतिविधियां निलंबित हैं और भविष्य में यह प्रतिबंध हट भी सकता है. जब उनसे सवाल किया गया कि क्या किसी दल को चुनाव लड़ने से रोकना लोकतांत्रिक सिद्धांतों के अनुरूप है, तो उन्होंने इसे चुनाव आयोग का अधिकार क्षेत्र बताया. यूनुस का कहना था कि आयोग ने पार्टी के उस आचरण को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया, जिससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती थी.
हालांकि, यूनुस के इस बयान पर कई सवाल उठ रहे हैं. बांग्लादेश में अवामी लीग दशकों से एक प्रमुख राजनीतिक ताकत रही है और इसके लाखों समर्थक माने जाते हैं. लेकिन यूनुस ने इस जनाधार पर भी संदेह जताते हुए कहा कि पार्टी के समर्थक तो हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी संख्या कितनी है. विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस का यह रुख राजनीतिक रूप से प्रेरित है, क्योंकि खालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी आने वाले चुनावों में मज़बूत दावेदार मानी जा रही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित होने के बावजूद अवामी लीग की जड़ें समाज में गहरी हैं. लाखों कार्यकर्ता और समर्थक अभी भी मौजूद हैं, लेकिन वर्तमान सरकार और प्रशासन के दबाव में वे खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं. यही कारण है कि बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता की स्थिति बनी हुई है और आशंका है कि कोई भी छोटी घटना बड़े टकराव का रूप ले सकती है.
गौरतलब है कि यूनुस सरकार ने मई में आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर रोक लगाई थी. इसके बाद चुनाव आयोग ने पार्टी का पंजीकरण रद्द कर दिया. हालांकि, यूनुस ने हाल ही में यह घोषणा की थी कि बांग्लादेश में आम चुनाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में कराए जाएंगे. अब उनके नए बयान ने राजनीतिक भविष्य को लेकर और भी सवाल खड़े कर दिए हैं. First Updated : Thursday, 02 October 2025