सीजफायर खत्म होने पर क्या होगा ट्रंप के पास दो ऑप्शन, दूसरा चुना तो भारत के लिए कैसे होगी मुश्किल

ट्रंप के लिए अब ईरान युद्ध दो मुश्किल रास्तों पर आ खड़ा हुआ है. जिस तबाही को उन्होंने पहले टाल दिया था, वो फिर सिर उठा रही है. दूसरा रास्ता चुनने पर चीन और भारत दोनों के लिए एशिया में नई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

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इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका के बीच हुई शांति वार्ता पूरी तरह विफल हो गई है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस बिना किसी समझौते के पाकिस्तान से वापस लौट आए हैं. 21 घंटे तक चली चर्चा के बाद वेंस ने साफ कहा कि अमेरिका ने ईरान को अपना अंतिम और सबसे बेहतर प्रस्ताव दे दिया है, अब फैसला तेहरान को करना है. वार्ता विफल होने के बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि दो हफ्ते के अस्थायी सीजफायर का समय खत्म होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास क्या विकल्प बचेंगे. ट्रंप ने खुद ट्रुथ सोशल पर जस्ट द न्यूज का आर्टिकल शेयर कर इस मुद्दे पर अपना रिएक्शन दिया है.

ट्रंप के पास दो बड़े विकल्प

ट्रंप प्रशासन ईरान पर वेनेजुएला वाली रणनीति अपनाने का संकेत दे रहा है. अमेरिका ने पहले निकोलस मादुरो की सरकार को घेराबंदी लगाकर आर्थिक रूप से कमजोर किया था. अब अगर ईरान शनिवार को दिए गए अंतिम प्रस्ताव को ठुकरा देता है तो ट्रंप दो रास्ते चुन सकते हैं.पहला रास्ता है तेहरान को पाषाण युग में भेजने के लिए भारी बमबारी, जैसा ट्रंप पहले ही वादा कर चुके हैं.
दूसरा रास्ता है वेनेजुएला मॉडल दोहराना, यानी नौसैनिक घेराबंदी लगाकर ईरान की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ठप करना.

Trump options after Iran ceasefire

फारस की खाड़ी में पहुंचा अमेरिकी युद्धपोत

लेक्सिंगटन इंस्टीट्यूट की राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ रेबेका ग्रांट ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले हर जहाज पर निगरानी रखना बहुत आसान है. पिछले 24 घंटे में 10 जहाज गुजरे हैं, जिनमें एक रूसी टैंकर भी शामिल था. चीन और भारत को तेल पहुंच रहा है. अगर ईरान जिद पर अड़ा रहा तो अमेरिकी नौसेना खर्ग द्वीप और ओमान के पास संकरे रास्ते पर पूरी नजर रख सकती है. कोई भी जहाज बिना अमेरिकी नौसेना की अनुमति के नहीं गुजर सकेगा. 

इससे चीन और भारत पर भी दबाव बढ़ेगा क्योंकि दोनों देश ईरान से तेल आयात करते हैं.मजेदार बात यह है कि वेनेजुएला घेराबंदी का नेतृत्व करने वाला विशाल युद्धपोत यूएसएस जेराल्ड फोर्ड अब फारस की खाड़ी में पहुंच गया है. कुछ दिन पहले आग लगने के कारण मरम्मत में लगा यह युद्धपोत अब यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य बड़े युद्धपोतों के साथ तैनात है.

खर्ग द्वीप होगा ट्रंप का मुख्य लक्ष्य

ट्रंप का मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ने के लिए मजबूर करना है. जेडी वेंस ने कहा कि अभी तक ईरान से इसकी कोई सकारात्मक प्रतिबद्धता नहीं मिली है. रिटायर्ड जनरल जैक कीन ने सुझाव दिया था कि अगर युद्ध फिर शुरू हुआ तो ईरान के खर्ग द्वीप पर कब्जा किया जा सकता है या उसे नष्ट किया जा सकता है. उन्होंने लिखा कि नौसेना घेराबंदी लगाकर ईरान की तेल निर्यात लाइन बंद कर दी जाए तो उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी, यही सबसे बड़ा दबाव होगा. First Updated : Sunday, 12 April 2026