TLP protest Pakistan: पाकिस्तान के लाहौर की सड़कों पर कोहराम मचा है. अर्धसैनिक रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी कर रहे हैं . यह कार्रवाई तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) के समर्थकों को इस्लामाबाद की ओर मार्च करने से रोकने के लिए की गई थी. इस घटना में टीएलपी के कम से कम 10 सदस्यों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए. अभियान सुबह की नमाज से पहले शुरू किया गया था, जब प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में एकत्रित हो रहे थे.
इस घटना के साथ-साथ मुरीदके में भी माहौल बिगड़ गया, जहां पुलिस और टीएलपी समर्थकों के बीच तीखी झड़पें हुईं. दोनों पक्षों में संघर्ष के चलते स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल बन गया है. रिपोर्टों के मुताबिक कई इलाकों में पत्थरबाजी और लाठीचार्ज की घटनाएं भी देखी गईं.
टीएलपी ने गाजा में इजराइली कार्रवाई के विरोध में इस्लामाबाद में स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी. इसी मुद्दे पर रविवार को पंजाब सरकार और टीएलपी के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई थी. हालांकि, बुधवार देर रात लाहौर में उस समय हिंसा भड़क उठी जब प्रदर्शन की तैयारी कर रहे टीएलपी समर्थकों को पुलिस ने तितर-बितर करने की कोशिश की.
पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि स्थिति को शांत करने के लिए बातचीत की जा रही है. बातचीत में सीनेटर राणा सनाउल्लाह, सरकारी सलाहकार हाफिज ताहिर अशरफी, और पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ख्वाजा सलमान रफीक शामिल हैं. टीएलपी की ओर से एक वार्ता टीम सरकार से चर्चा कर रही है और अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द कोई समझौता हो सकता है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है. प्रशासन ने राजधानी की ओर जाने वाली प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया है, मेट्रो सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं. इसके साथ ही मोबाइल इंटरनेट सेवा पर भी आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है ताकि प्रदर्शनकारियों के बीच संपर्क बाधित हो सके.
टीएलपी नेतृत्व ने दावा किया है कि बुधवार रात से शुरू हुई पुलिस कार्रवाई में अब तक उनके 24 समर्थकों की जान जा चुकी है और 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं. हालांकि, सरकारी आंकड़ों में अब तक 10 मौतों की पुष्टि की गई है.
First Updated : Monday, 13 October 2025