Chinese jets in Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान की वायु रक्षा प्रणाली और उसके चीनी सैन्य उपकरण एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं. हालिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान की वायु सुरक्षा में तैनात चीन निर्मित HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम हाल के ड्रोन हमलों को रोकने में नाकाम रहा है, जिससे पाकिस्तान की सैन्य रणनीति और चीन के हथियारों की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इस बीच, पाकिस्तान द्वारा कथित तौर पर चीनी जेट विमानों के इस्तेमाल की खबरों पर चीन ने भी पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि उसे इस मामले की कोई जानकारी नहीं है.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें इस मामले की जानकारी नहीं है,” जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने भारत द्वारा पाकिस्तान और पीओके पर मिसाइल हमले के बाद चीनी जेट विमानों का उपयोग किया. इस प्रतिक्रिया से चीन ने स्पष्ट रूप से दूरी बना ली है, जबकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुद स्वीकार कर चुके हैं कि उनके देश में JF-17 और JF-10 जैसे चीनी जेट विमानों का इस्तेमाल होता है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद समेत कराची और ग्वादर जैसे संवेदनशील इलाकों में तैनात HQ-9B एयर डिफेंस सिस्टम हाल के ड्रोन हमलों को रोकने में असफल रहा है. इस प्रणाली को चीन ने विकसित किया था और इसे रूसी S-300 तथा अमेरिकी Patriot सिस्टम की तकनीक पर आधारित बताया गया था.
HQ-9 की रेंज 120 से 250 किलोमीटर के बीच बताई जाती है और इसे मल्टी-टारगेट एंगेजमेंट तथा AESA रडार जैसी हाई-टेक क्षमताओं से लैस बताया गया था, लेकिन वास्तविक युद्ध स्थितियों में इसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा. विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों में यह एक बड़ी कमजोरी उजागर हुई है.
पाकिस्तान की सैन्य शक्ति का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा चीन से आने वाले हथियारों पर निर्भर है. ऐसे में अगर चीन की हाई-टेक कही जाने वाली रक्षा प्रणाली ही असफल साबित हो रही है, तो इससे पाकिस्तान की रक्षा रणनीति की कमजोरी साफ झलकती है. ड्रोन हमलों के कारण HQ-9 को भारी नुकसान पहुंचा है और यह बात पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है.
भारत-पाकिस्तान के हालिया तनाव के बीच यह विवाद तब और बढ़ गया जब चीन ने पाकिस्तान द्वारा अपने जेट विमानों के उपयोग पर कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया. बीजिंग में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जब चीनी प्रवक्ता से इस बाबत सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "हमें इस मामले की जानकारी नहीं है."
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में खुलकर कहा था, "अगर भारत फ्रांस से विमान खरीद सकता है और उनका इस्तेमाल कर सकता है, तो हम भी चीन, रूस, अमेरिका या यूके से विमान खरीदकर उपयोग कर सकते हैं." उनके इस बयान से यह स्पष्ट था कि पाकिस्तान चीनी जेट्स जैसे JF-17 और JF-10 का इस्तेमाल कर रहा है.
HQ-9 प्रणाली को लेकर चीन ने जो दावे किए थे – जैसे क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और एयरक्राफ्ट को इंटरसेप्ट करने की क्षमता – वे सभी हालिया घटनाओं में नाकाम साबित हुए हैं. HQ-9 के अलग-अलग वर्जन जैसे HQ-9A, HQ-9B, HQ-9BE के बारे में कहा गया था कि वे आधुनिक युद्ध के लिए उपयुक्त हैं, लेकिन जमीनी हालात में इनकी कार्यक्षमता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. First Updated : Thursday, 08 May 2025