चीन का खतरनाक खेल! रेगिस्तान में बना रहा विशाल परमाणु किला, 80 लॉन्च पैड तैयार
नए लॉन्च पैड, मजबूत ठिकाने और आधुनिक संचार नेटवर्क बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ऐसा सिस्टम खड़ा कर रहा है जिससे बड़े हमले के बाद भी उसकी परमाणु ताकत बची रहे और वह पलटवार कर सके।

नई दिल्ली: चीन अपने परमाणु हथियारों को और मजबूत बनाने में जुटा है। रॉयटर्स की सैटेलाइट तस्वीरों में सामने आया है कि उत्तर-पश्चिमी चीन के रेगिस्तानी इलाकों में बड़े पैमाने पर सैन्य निर्माण चल रहा है।
नए लॉन्च पैड, मजबूत ठिकाने और आधुनिक संचार नेटवर्क बनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ऐसा सिस्टम खड़ा कर रहा है जिससे बड़े हमले के बाद भी उसकी परमाणु ताकत बची रहे और वह पलटवार कर सके।
शिनजियांग-गांसू में हो रहा निर्माण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह पूरा निर्माण मुख्य रूप से शिनजियांग और गांसू प्रांत में हो रहा है। इन्हीं इलाकों में चीन की सबसे लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें तैनात हैं। सुरक्षा जानकारों के मुताबिक, नई सुविधाओं का मकसद इन मिसाइलों को किसी भी हमले से बचाना है।
पहली बार दिखा इतना बड़ा सैन्य विस्तार
फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के न्यूक्लियर इन्फॉर्मेशन प्रोजेक्ट के निदेशक हैंस क्रिस्टेंसन ने कहा कि उन्होंने पहले कभी इतना बड़ा सैन्य निर्माण नहीं देखा। उनके अनुसार यह चीन का असाधारण और बेहद बड़ा कदम है।
सैटेलाइट तस्वीरों में शिनजियांग के हामी मिसाइल क्षेत्र के पास 80 से ज्यादा कंक्रीट लॉन्च पैड दिखे हैं। साथ ही तीन बड़े अष्टकोणीय सैन्य अड्डे भी नजर आए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इनका इस्तेमाल मोबाइल मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और कमांड सेंटर के तौर पर होगा।
क्या है इन ठिकानों में खास?
नई तस्वीरों में दो बड़े सैन्य परिसर दिखे हैं। इनमें जवानों के रहने की जगह, बड़े वाहनों के लिए शेड, बंकर, सुरक्षित गोदाम, हवाई पट्टी और रेल कनेक्टिविटी है। अप्रैल-मई में यहां सैन्य अभ्यास भी हुआ। तस्वीरों में बड़े टेंट, छिपे हुए ठिकाने और एयर डिफेंस सिस्टम भी दिखे।
इन अड्डों से कई सड़कें और सुरंगें रेगिस्तान में दूर तक जाती हैं। माना जा रहा है कि इनमें फाइबर-ऑप्टिक केबल बिछाई गई हैं जो लॉन्च पैड को कमांड सेंटर से जोड़ती हैं। सैटेलाइट डिश और बड़े कम्युनिकेशन टावर भी बनाए गए हैं।
सेकंड स्ट्राइक क्षमता बढ़ा रहा चीन
एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क हजारों वर्ग किमी में फैला है। इससे चीन की परमाणु मिसाइलों की सुरक्षा और ऑपरेशन क्षमता दोनों बढ़ेंगी। चीन अपनी सेकंड स्ट्राइक क्षमता मजबूत कर रहा है। यानी अगर उस पर पहले परमाणु हमला हो भी जाए, तो वह जवाबी हमला कर सकेगा।
अमेरिका और पश्चिम के लिए चिंता
चीन हमेशा पहले परमाणु हमला न करने की बात करता रहा है। लेकिन उसके तेजी से बढ़ते परमाणु ढांचे ने अमेरिका और पश्चिमी देशों की चिंता बढ़ा दी है। कई जानकार कहते हैं कि चीन अपने परमाणु कार्यक्रम पर बहुत कम जानकारी देता है, जिससे उसकी रणनीति को लेकर सवाल उठते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक 2030 तक चीन के पास 1,000 परमाणु हथियार हो सकते हैं। फिलहाल तीन मिसाइल क्षेत्रों में करीब 100 ICBM तैनात हैं। जिस तरह चीन मिसाइल डिफेंस, संचार और मोबाइल लॉन्चर का जाल बना रहा है, वह बाकी परमाणु शक्तियों से काफी अलग और बड़ा दिखता है।


