Wang Yi Pakistan Visit: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत यात्रा पूरी करने के बाद पाकिस्तान का रुख किया, जहां उन्होंने गुरुवार, 21 अगस्त को इस्लामाबाद में पाक विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की. इस उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान औद्योगिक, कृषि और खनन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर सहमति बनी. दोनों देशों के बीच बढ़ती सामरिक निकटता भारत के लिए चिंता का कारण बन सकती है. इस मुलाकात से पाकिस्तान-चीन संबंधों को एक नई गति मिलती दिख रही है. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में बताया गया कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई छठी रणनीतिक वार्ता में आर्थिक गलियारा, बहुपक्षीय सहयोग, व्यापार और जनता-जनता के बीच रिश्तों सहित कई अहम विषयों पर गंभीर चर्चा हुई.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि वांग यी और इशाक डार की बातचीत में पाकिस्तान-चीन संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई और वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का गहन आदान-प्रदान किया गया. दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह साझेदारी क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है.
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के अगले चरण पर चर्चा करते हुए वांग ने कहा कि दोनों देशों की प्राथमिकता अब इस परियोजना के "उच्च गुणवत्ता वाले विकास" को सुनिश्चित करना है. ग्वादर बंदरगाह के विकास और संचालन में भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे.
संयुक्त प्रेस वार्ता में वांग यी ने कहा चीन पाकिस्तान की आर्थिक मजबूती को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद से लड़ने के प्रयासों की सराहना करते हुए सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की बात कही.
वांग यी ने पाकिस्तान में हाल ही में आई बाढ़ पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चीन पीड़ितों के लिए तत्काल आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि चीन, पाकिस्तान के साथ हर चुनौती में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा.
डार ने बताया कि चीन ने अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के तनाव को कम करने में सक्रिय भूमिका निभाई है. उन्होंने कहा कि हाल ही में अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के साथ त्रिपक्षीय वार्ता भी इसी दिशा में एक अहम कदम था.
विदेश मंत्री डार के साथ मीटिंग के अलावा वांग यी ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से भी मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया. First Updated : Friday, 22 August 2025