बीजिंग पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप, शी जिनपिंग संग अहम मुलाकात पर टिकी दुनिया की नजर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे चुके है, जहां वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग संग अहम मुलाकात करने वाले है. इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दो दिवसीय दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे चुके है, जहां वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग संग अहम मुलाकात करने वाले है. बता दें, साल 2017 के बाद ट्रंप की यह पहली चीन यात्रा है और इसे दोनों देशों के बीच कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है.
क्यों अहम है ये मुलाकात
अमेरिका और चीन के रिश्ते इस समय व्यापार, ताइवान, तकनीक और सैन्य गतिविधियों जैसे कई मुद्दों पर दबाव में हैं. ऐसे माहौल में हो रही यह बैठक वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. यात्रा के दौरान राजकीय भोज और औपचारिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, लेकिन असली फोकस दोनों देशों के नेताओं के बीच होने वाली रणनीतिक बातचीत पर रहेगा.
चीन ने किया मुद्दों का जिक्र
ट्रंप के बीजिंग पहुंचने से पहले चीन ने अमेरिका को साफ संदेश देते हुए उन मुद्दों का जिक्र किया, जिन्हें उसने अपनी “रेड लाइन” बताया है. अमेरिका स्थित चीनी दूतावास ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि ताइवान, मानवाधिकार, चीन की राजनीतिक व्यवस्था और उसके विकास के अधिकार जैसे मामलों में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा. चीन ने यह भी कहा कि दोनों देशों को आपसी सम्मान और स्थिर संबंधों के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए.
AI पर भी होगी चर्चा
इस शिखर बैठक में व्यापार समझौतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है. हाल के अदालती फैसलों के बाद ट्रंप की कुछ टैरिफ नीतियों को झटका लगा है, जिसके चलते उन पर घरेलू दबाव भी बढ़ा है. ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका चीन के साथ सीमित लेकिन महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते करने की कोशिश कर सकता है. इसके अलावा दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों की सप्लाई, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और वैश्विक सप्लाई चेन भी वार्ता का बड़ा हिस्सा रह सकती है. चीन इन खनिजों के निर्यात में मजबूत पकड़ रखता है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद जरूरी माने जाते हैं.
ईरान को दी चेतावनी
इधर, ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों ने भी तनाव बढ़ा दिया है. अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के ऊर्जा और वित्तीय नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की घोषणा की है, जिसका असर चीन से जुड़े कारोबारी नेटवर्क पर भी पड़ सकता है. माना जा रहा है कि ट्रंप और शी जिनपिंग की यह मुलाकात आने वाले समय में अमेरिका-चीन संबंधों की दिशा तय कर सकती है.


