'वो अच्छी इंसान हैं', तुर्की में बदले ट्रंप के तेवर, जॉर्जिया मेलोनी से फोटो विवाद पर दी सफाई

नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया मेलोनी को लेकर पहले से नरम रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि उनके और मेलोनी के बीच मतभेद जरूर रहे, लेकिन वह उन्हें एक अच्छी इंसान मानते हैं.

Shraddha Mishra

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच पिछले कुछ समय से चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे शांत होता नजर आ रहा है. तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने पहली बार सार्वजनिक रूप से मेलोनी को लेकर नरम रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि उनके और मेलोनी के बीच मतभेद जरूर रहे, लेकिन वह उन्हें एक अच्छी इंसान मानते हैं. ट्रंप के इस बयान को दोनों नेताओं के बीच रिश्तों में आई तल्खी कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

दोनों नेताओं के बीच तनाव की शुरुआत पिछले महीने हुए जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद हुई थी. सम्मेलन के बाद ट्रंप ने दावा किया था कि जॉर्जिया मेलोनी उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए काफी उत्सुक थीं और उन्होंने इसके लिए विशेष आग्रह किया था. इस बयान के सामने आने के बाद इटली की राजनीति में भी हलचल मच गई और दोनों देशों के संबंधों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. मेलोनी ने ट्रंप के इस बयान को गंभीरता से लिया और सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की. इसके बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर भी देखने को मिला.

नाटो सम्मेलन में ट्रंप ने दी सफाई

तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप से जब पत्रकारों ने मेलोनी के साथ चल रहे विवाद पर सवाल पूछा, तो उन्होंने पहले की तुलना में काफी संतुलित जवाब दिया. ट्रंप ने कहा कि उनके और मेलोनी के रिश्ते पहले अच्छे रहे हैं और आज भी वह उन्हें एक अच्छी इंसान मानते हैं. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ मुद्दों पर दोनों की राय अलग रही, जिसकी वजह से रिश्तों में थोड़ी दूरी आ गई थी.

ईरान मुद्दे को बताया मतभेद की वजह

ट्रंप ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि दोनों नेताओं के बीच सबसे बड़ा मतभेद ईरान से जुड़े मुद्दे पर सामने आया था. उनके मुताबिक, उन्होंने इटली से सहयोग की उम्मीद की थी, लेकिन मेलोनी ने उस मामले में शामिल होने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन्हें निराशा हुई थी, हालांकि उन्होंने इस मुद्दे को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया. ट्रंप का कहना था कि इसी कारण दोनों के संबंधों में कुछ समय के लिए खटास आ गई थी. बावजूद इसके उन्होंने दोहराया कि वह आज भी मेलोनी का सम्मान करते हैं और उन्हें एक अच्छी नेता मानते हैं.

सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाया विवाद

नाटो सम्मेलन के दौरान बयान देने से कुछ समय पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक तस्वीर साझा की थी, जिसने विवाद को फिर से हवा दे दी. तस्वीर में ट्रंप आगे खड़े थे जबकि जॉर्जिया मेलोनी पीछे मुस्कुराते हुए दिखाई दे रही थीं. इस फोटो के साथ ट्रंप ने ऐसा कैप्शन लिखा, जिससे यह संदेश गया कि मेलोनी उनके प्रति जरूरत से ज्यादा रुचि दिखा रही हैं. इस पोस्ट के बाद इटली में राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली और कई नेताओं ने इसे अनुचित बताया.

मेलोनी ने पहले भी जताई थी नाराजगी

जी-7 सम्मेलन के बाद ट्रंप के बयानों पर जॉर्जिया मेलोनी पहले ही अपनी नाराजगी जता चुकी थीं. उन्होंने कहा था कि किसी सहयोगी देश के नेता के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है. उनके अनुसार, इस तरह के बयान दोनों देशों के रिश्तों पर असर डाल सकते हैं. मेलोनी के समर्थन में उनकी सरकार के कई मंत्रियों ने भी ट्रंप की आलोचना की थी. उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेताओं के बीच सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए.

विवाद उस समय और गहरा गया जब मेलोनी की प्रतिक्रिया के बाद ट्रंप ने एक और बयान देते हुए कहा कि इटली की प्रधानमंत्री अमेरिका के साथ करीबी संबंध दिखाकर अपने देश में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही हैं. 

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