होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका सख्त, ट्रंप ने नाकाबंदी के दिए संकेत

डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की नाकाबंदी की चेतावनी दी. ईरान पर समझौते का पालन न करने का आरोप लगाया. अमेरिका-ईरान वार्ता परमाणु मुद्दे पर विफल रही, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने के संकेत मिले.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बड़ा और सख्त बयान देते हुए संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर नियंत्रण सख्त कर सकता है. ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले जहाजों की नाकाबंदी शुरू करने की तैयारी कर रहा है. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच हुई वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी.

ट्रम्प ने लगाए आरोप

ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ईरान ने इस अहम जलमार्ग को सुरक्षित और खुला बनाए रखने के अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से समुद्र में बारूदी सुरंगों के खतरे ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी को प्रभावित किया है. उनके मुताबिक, जब जहाज मालिकों को यह डर हो कि कहीं समुद्र में खदानें बिछी हो सकती हैं, तो वे जोखिम लेने से बचते हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ता है.

उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता में इस्लामाबाद में ईरानी अधिकारियों के साथ लगभग 20 घंटे तक लंबी बातचीत चली. इस बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन सबसे अहम विषय ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं हो सका. ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा और इस मुद्दे पर उसका रुख पहले की तरह सख्त बना रहेगा.

ट्रंप की चेतावनी 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका जलडमरूमध्य में बिछाई गई संभावित बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए कदम उठाएगा और उन जहाजों पर भी कार्रवाई करेगा, जो कथित तौर पर ईरान को “अवैध शुल्क” देते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे जहाजों को सुरक्षित आवाजाही की अनुमति नहीं दी जाएगी.

ट्रंप ने ईरान की गतिविधियों को वैश्विक स्तर पर “जबरन वसूली” करार देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सेना या किसी भी वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी हमले का अंजाम बेहद गंभीर होगा.

इसके अलावा, ट्रंप ने संकेत दिया कि इस संभावित नाकाबंदी में अन्य देश भी अमेरिका का साथ दे सकते हैं. हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत पहले ही काफी कमजोर हो चुकी है और उसकी नौसेना व वायु रक्षा प्रणाली को काफी हद तक निष्क्रिय कर दिया गया है. 

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