'यह मेरे लिए सम्मान की बात है' AI वाले थियोडोर रूजवेल्ट से मिले ट्रंप, 18 सेकंड की बातचीत की क्लिप ने बटोरी सुर्खियां

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी में एआई-संचालित रूजवेल्ट अवतार से बातचीत कर रहे हैं.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को उत्तरी डकोटा के मेडोरा स्थित थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी का दौरा किया. यह यात्रा अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों का हिस्सा थी. हालांकि इस दौरे का सबसे चर्चित पल तब सामने आया, जब ट्रंप ने पुस्तकालय में मौजूद पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अवतार से बातचीत की. इस बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

AI अवतार से हुई खास बातचीत

पुस्तकालय में "टॉक विद टीआर" नाम का एक विशेष डिजिटल अनुभव तैयार किया गया है. इसमें थियोडोर रूजवेल्ट का एआई-संचालित अवतार आगंतुकों से संवाद करता है. ट्रंप ने भी इस इंटरैक्टिव कार्यक्रम में हिस्सा लिया.

वायरल वीडियो में AI अवतार ट्रंप से कहता है कि एक राष्ट्रपति को हर दिन ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिन्हें आम लोग नहीं देख पाते. साथ ही वह उन्हें धैर्य बनाए रखने और देश को सर्वोपरि रखने की सलाह देता है. 

इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, "मैं आपके शब्दों की सराहना करता हूं. ये शानदार हैं. आज आपके साथ यहां होना मेरे लिए एक सम्मान की बात है. हम आपके द्वारा किए गए महान कार्यों को देख रहे हैं."

भाषण में रूजवेल्ट को दी श्रद्धांजलि

पुस्तकालय का दौरा करने के बाद ट्रंप ने परिसर के बाहर लोगों को संबोधित किया. उन्होंने अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट की जमकर प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने देश की भावना, संघर्ष और आत्मा का शानदार प्रतिनिधित्व किया. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूजवेल्ट का जीवन बेहद रोमांचक था और कुछ मामलों में उनकी अपनी यात्रा से मेल खाता है.

कैसे तैयार किया गया AI मॉडल?

रिपोर्ट के अनुसार, "टॉक विद टीआर" कार्यक्रम माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से विकसित किया गया है. इस AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए रूजवेल्ट की डायरी, भाषण, पत्र, टेलीग्राम और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों का उपयोग किया गया.

थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी फाउंडेशन के इतिहासकारों का कहना है कि यह मॉडल पूरी तरह त्रुटिरहित नहीं है, लेकिन रूजवेल्ट के विचारों और उनके समय की प्रमुख राजनीतिक घटनाओं को काफी सटीक तरीके से प्रस्तुत करता है. 

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