यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस में ईंधन संकट, भारत से पेट्रोल मंगाने को मजबूर हुई महाशक्ति!

रूस के 11 टाइम ज़ोन में ईंधन की किल्लत महसूस की जा रही है। कई इलाकों में राशनिंग शुरू हो गई है, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें हैं और दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: दुनिया के सबसे बड़े एनर्जी प्रोड्यूसर्स में शामिल रूस अब ईंधन के लिए भारत की ओर देख रहा है। यूक्रेन के लगातार ड्रोन हमलों से रूस का एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया है और देशभर में पेट्रोल की भारी कमी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि एक्सपोर्ट करने वाला रूस अब घरेलू सप्लाई बचाने के लिए विदेशों से पेट्रोल खरीद रहा है।  

रूस के 11 टाइम ज़ोन में दिख रहा असर   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस के 11 टाइम ज़ोन में ईंधन की किल्लत महसूस की जा रही है। कई इलाकों में राशनिंग शुरू हो गई है, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें हैं और दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।  

भारत से समुद्री रास्ते पहुंच रहा पेट्रोल   

रॉयटर्स के मुताबिक, रूस को भारत से समुद्री रास्ते से पेट्रोल की खेप मिलनी शुरू हो गई है। सूत्रों ने बताया कि भारत से कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल भेजा गया है। 30,000 से 40,000 टन क्षमता वाले दो टैंकर पहले ही रवाना हो चुके हैं।

हालांकि अभी साफ नहीं है कि कौन सी भारतीय रिफाइनरी सप्लाई कर रही है। क्रेमलिन ने इस हफ्ते माना कि मॉस्को ईंधन संकट से निपटने के लिए कई देशों से उचित कीमतों पर पेट्रोल खरीदने की बात कर रहा है।  

ड्रोन हमलों ने बिगाड़ा रूस का एनर्जी नेटवर्क   

यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने रूस की तेल रिफाइनरियों और एनर्जी सुविधाओं को निशाना बनाया है। इससे रिफाइनिंग ठप हुई और घरेलू सप्लाई घट गई। गर्मियों में रूस रोज 110,000 मीट्रिक टन से ज्यादा पेट्रोल खपत करता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मॉस्को हर महीने 400,000 मीट्रिक टन तक पेट्रोल आयात करने की योजना बना रहा है।  

बेलारूस ने भी बढ़ाई सप्लाई   

बेलारूस भी रूस के लिए बड़ा सप्लायर बनकर उभरा है। रॉयटर्स के डेटा के अनुसार, बेलारूस ने जून के पहले पखवाड़े में रूस को पेट्रोल की रेल शिपमेंट तीन गुना कर दी। इस दौरान 70,000 मीट्रिक टन से ज्यादा पेट्रोल भेजा गया। रूस की संसद ने आयातित ईंधन पर सब्सिडी के लिए टैक्स नियमों में बदलाव को मंजूरी दी है।  

पुतिन ने मानी कमी, लेकिन हमलों का असर नकारा   

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने माना कि यूक्रेन के हमलों से कई इलाकों में ईंधन की कमी हुई है। मगर उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका यूक्रेन में सैन्य अभियान पर कोई असर नहीं पड़ा। पुतिन ने यूक्रेन के लंबी दूरी के हमले सीमित करने के प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया।  

भारत-रूस ऊर्जा संबंध और मजबूत   

भारत रूस के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ा रहा है। Kpler के मुताबिक, जून में रूस से भारत का कच्चा तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से भारतीय रिफाइनरियों ने रियायती रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी। जून में भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 50% से ज्यादा रही। भारत ने रोजाना करीब 2.7 मिलियन बैरल रूसी तेल आयात किया।  

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