US सीनेटर ने बताया भरोसे का अंतर, कहा 'चीन जाता हूँ तो फोन नहीं ले जाता, लेकिन भारत लेकर जाता हूं'
डेन्स ने कहा, "जब मैं चीन जाता हूं, तो यह फोन बीजिंग नहीं जाता। यह डीसी में मेरी डेस्क पर रहता है। लेकिन जब दिल्ली या भारत में कहीं भी जाता हूं, तो यह मेरे साथ होता है।"

नई दिल्ली: अमेरिकी सीनेटर स्टीव डेन्स ने चीन और भारत को लेकर अमेरिका के भरोसे का फर्क खुलकर बताया। उन्होंने कहा कि बीजिंग जाते वक्त वे अपना फोन वॉशिंगटन में ही छोड़ देते हैं, लेकिन दिल्ली या भारत में कहीं भी जाते समय फोन साथ रखते हैं।
US-India फोरम में दिया भरोसे का उदाहरण
वॉशिंगटन में 'यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉरम लीडरशिप समिट' में बोलते हुए मोंटाना के रिपब्लिकन सीनेटर ने कहा कि अमेरिका को चीन से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी और मजबूत करनी चाहिए।
डेन्स ने कहा, "जब मैं चीन जाता हूं, तो यह फोन बीजिंग नहीं जाता। यह डीसी में मेरी डेस्क पर रहता है। लेकिन जब दिल्ली या भारत में कहीं भी जाता हूं, तो यह मेरे साथ होता है।" उन्होंने कहा कि यह छोटा उदाहरण ही भारत-अमेरिका के बीच गहरे भरोसे को दिखाता है।
ट्रंप की टीम भी चीन से तोहफे नहीं लाई थी
यह अविश्वास हाल में डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा में भी दिखा था। तब ट्रंप और उनकी टीम चीन से मिले सभी तोहफे और यादगार चीजें वहीं छोड़कर वापस लौटी थी। अमेरिकी डेलिगेशन पहले भी ऐसा करता रहा है।
'चीन से पूरी तरह अलग नहीं हो सकते, लेकिन रिस्क कम करना होगा'
सीनेटर डेन्स ने माना कि अमेरिका चीन से पूरी तरह कट नहीं सकता। लेकिन उसे भरोसेमंद देशों के साथ संबंध मजबूत करके रणनीतिक जोखिम कम करने चाहिए। उन्होंने पूछा कि चीन के मुकाबले के लिए अमेरिका को कौन सा रिश्ता और मजबूत करना चाहिए? जवाब में उन्होंने खुद कहा- भारत।
'चीन के इनोवेशन की बराबरी सिर्फ भारत कर सकता है'
FedEx के CEO राज सुब्रमण्यम से बातचीत में डेन्स ने कहा कि दुनिया में सिर्फ भारत ही ऐसा देश है जो अमेरिका के साथ मिलकर चीन के इनोवेशन इकोसिस्टम के आकार और स्तर की बराबरी कर सकता है।
उन्होंने कहा, "ग्लोबल लेवल पर मुकाबला करने और जरूरी स्तर हासिल करने के लिए हमारी एकमात्र उम्मीद भारत-अमेरिका साझेदारी ही है।"
'भारत-अमेरिका रिश्ता पूरी दुनिया के लिए अहम'
डेन्स ने कहा कि वॉशिंगटन चीन की चुनौती पर तो खूब बात करता है, लेकिन संतुलन बनाने के लिए ठोस रणनीति नहीं बनाता। उनके मुताबिक भारत और अमेरिका का रिश्ता सिर्फ दोनों देशों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम है।
सीनेटर डेन्स को भारत-अमेरिका संबंध मजबूत करने की कोशिशों के लिए USISPF पब्लिक सर्विस अवॉर्ड मिला। अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर भी इसके लिए चुने गए थे, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं आ सके।


