नई दिल्ली: टेस्ला और SpaceX के सीईओ एलन मस्क ने ज़ेरोधा के को-फाउंडर निखिल कामत के पॉडकास्ट में अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं पर खुलकर बातचीत की. इस दौरान मस्क ने पहली बार यह स्वीकार किया कि उनकी पार्टनर शिवॉन जिलिस भारतीय मूल से संबंध रखती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि उनके एक बेटे के नाम में ‘शेखर’ शामिल है, जो भारतीय शब्द है और एक महान वैज्ञानिक के सम्मान में रखा गया है.
मस्क ने बताया कि उनके बेटे का मध्य नाम भारतीय-अमेरिकी नोबेल विजेता खगोल भौतिक विज्ञानी सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर के सम्मान में रखा गया है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि आप जानते हैं या नहीं, लेकिन मेरी पार्टनर शिवॉन आधी भारतीय हैं. मेरे एक बेटे का मध्य नाम चंद्रशेखर के नाम पर ‘शेखर’ है.
जब पॉडकास्ट में पूछा गया कि क्या शिवॉन कभी भारत में रहीं, तो मस्क ने स्पष्ट किया कि उनका भारतीय संबंध परवरिश से नहीं, बल्कि पैतृक है. उन्होंने बताया कि बचपन में शिवॉन को गोद लिया गया था और उनके जैविक पिता संभवतः किसी विश्वविद्यालय में पढ़ने आए विदेशी छात्र थे. शिवॉन कनाडा में पली-बढ़ीं और आगे चलकर येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र और दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की. वर्तमान में वह न्यूरालिंक में ऑपरेशंस और स्पेशल प्रोजेक्ट्स की निदेशक हैं. इससे पहले वह OpenAI और Tesla में भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा चुकी हैं. Forbes और LinkedIn ने उनके प्रभावशाली करियर को मान्यता देते हुए उन्हें युवा पेशेवरों की सूची में शामिल किया था.
शिवॉन जिलिस लंबे समय से टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने 2017 में न्यूरालिंक जॉइन किया और वर्तमान में कंपनी की डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशंस एंड स्पेशल प्रोजेक्ट्स हैं. येल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वह आइस हॉकी टीम की गोलकीपर भी रहीं. इसके बाद उन्होंने IBM और Bloomberg में काम किया और फिर वेंचर कैपिटल की दुनिया में कदम रखा. 2016 में उन्होंने AI पर फोकस किया तथा OpenAI से जुड़ीं, जहां वह बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सबसे युवा सदस्य बनीं.
मस्क और शिवॉन के चार बच्चे हैं जुड़वां स्ट्राइडर और अजूर, बेटी आर्केडिया और बेटा सेल्डन लिकरगस. मस्क के अनुसार, परिवार और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों को संभालना चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन दोनों मिलकर इन्हें संतुलित करते हैं.
पॉडकास्ट के दौरान मस्क ने अमेरिका में भारतीय पेशेवरों के योगदान की जमकर सराहना की. उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि अमेरिका को प्रतिभाशाली भारतीयों से बहुत लाभ हुआ है.
H-1B वीजा पर बोलते हुए मस्क ने माना कि “यह कहना सही होगा कि H-1B कार्यक्रम का कुछ दुरुपयोग हुआ है. कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियों ने इस सिस्टम को 'गेम' करने की कोशिश की है, और हमें इस गेमिंग को रोकना होगा. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमें H-1B कार्यक्रम को बंद कर देना चाहिए. मुझे लगता है कि ऐसा करना वास्तव में बहुत बुरा होगा. First Updated : Monday, 01 December 2025