नई दिल्ली: ईरान की सियासत उस वक्त अचानक गरमा गई जब सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत को लेकर दावे सामने आए. इन दावों के बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे इस्लामी गणराज्य के पतन की शुरुआत करार दिया.
खामेनेई की कथित मौत पर टिप्पणी करते हुए पहलवी ने न केवल मौजूदा शासन को घेरा, बल्कि ईरानी जनता से निर्णायक कदम उठाने की अपील भी की. उनका बयान उस समय आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खामेनेई के मारे जाने का दावा किया, जिसे ईरानी राज्य मीडिया ने पूरी तरह खारिज कर दिया.
रजा पहलवी ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए खामेनेई को हमारे समय का खूंखार तानाशाह और ईरान के बहादुर बेटों-बेटियों का हत्यारा बताया.
उन्होंने लिखा, "खामेनेई की मौत के साथ इस्लामी गणराज्य वास्तव में समाप्त हो चुका है और जल्द ही इतिहास के कूड़ेदान में पहुंच जाएगा."
पहलवी ने इसे एक ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए कहा कि यह समय निर्णायक बदलाव का संकेत देता है.
पहलवी ने शासन के समर्थकों को चेतावनी देते हुए कहा कि खामेनेई का उत्तराधिकारी नियुक्त करने की कोई भी कोशिश शुरू से ही विफल रहेगी.
उनका कहना था कि नया नेतृत्व न तो वैधता हासिल कर पाएगा और न ही लंबे समय तक टिक सकेगा, क्योंकि वह दमनकारी शासन के अपराधों का सहभागी माना जाएगा. उन्होंने कहा कि यह शोक का समय नहीं, बल्कि ईरान के भविष्य को सुरक्षित करने का अवसर है.
ईरानी सेना, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सुरक्षाबलों को संबोधित करते हुए पहलवी ने कहा कि गिरते हुए शासन को बचाने के प्रयास सफल नहीं होंगे.
उन्होंने सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि यह उनके लिए राष्ट्र के साथ खड़े होने का अंतिम मौका है. पहलवी ने कहा कि वे एक स्वतंत्र और समृद्ध भविष्य के लिए ईरान के स्थिर संक्रमण (Transition) में योगदान दें और अपनी छवि सुधारने का अवसर लें.
क्राउन प्रिंस ने कहा कि खामेनेई की मौत पीड़ित परिवारों के जख्मों पर मरहम का काम कर सकती है, हालांकि इससे बीते खून-खराबे का बदला पूरा नहीं होता.
उन्होंने कहा कि यह ईरान के एक बड़े राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है. जनता को संकेत देते हुए पहलवी ने कहा कि सड़कों पर व्यापक और निर्णायक उपस्थिति का समय बेहद करीब है. उन्होंने यह भी कहा कि पूरी दुनिया की निगाहें इस समय ईरान की आंतरिक स्थिति पर टिकी हुई हैं.
रजा पहलवी का यह बयान उस दावे के कुछ ही देर बाद आया, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर खामेनेई के मारे जाने की घोषणा की थी. हालांकि, ईरानी राज्य मीडिया ने इन दावों को पूरी तरह नकारते हुए इसे अमेरिका-इजरायल की मेंटली वॉरफेयर करार दिया है.
ईरानी मीडिया का कहना है कि देश के सुप्रीम लीडर पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके खिलाफ फैलाई जा रही खबरें मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा हैं. First Updated : Sunday, 01 March 2026