Ramadan 2026: दुनिया के ज्यादातर मुस्लिम देशों में रमजान का पवित्र महीना शुरू हो चुका है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत जैसे खाड़ी देशों में 18 फरवरी से रोजे शुरू हो गए. भारत, पाकिस्तान, ओमान और मिस्र में 19 फरवरी से रमजान का आगाज हुआ, लेकिन दो देश ऐसे हैं जहां अभी रमजान नहीं शुरू हुआ है. फिजी और न्यूजीलैंड में मुसलमान 20 फरवरी से पहला रोजा रखेंगे.
फिजी और न्यूजीलैंड में रमजान की शुरुआत में एक दिन की देरी इसलिए हुई क्योंकि वहां रमजान का चांद नहीं दिखा. न्यूजीलैंड की फेडरेशन ऑफ इस्लामिक एसोसिएशंस (FIANZ) और फिजी मुस्लिम लीग ने घोषणा की कि 18 फरवरी की शाम (इस्लामी कैलेंडर के अनुसार 29 शाबान) चांद नजर नहीं आया.
इसलिए 19 फरवरी को शाबान का 30वां दिन पूरा किया गया और 20 फरवरी को रमजान का पहला रोजा होगा. दोनों संगठनों ने कहा कि उनके इलाके में खगोलीय स्थिति ऐसी थी कि चांद खुली आंखों से या दूरबीन से भी दिखना संभव नहीं था.
ये दोनों देश स्थानीय स्तर पर चांद दिखने की परंपरा का सख्ती से पालन करते हैं. वे सऊदी अरब या अन्य देशों की घोषणा पर निर्भर नहीं रहते. इसलिए जब उनके क्षेत्र में चांद नहीं दिखता, तो वे महीने को एक दिन आगे बढ़ाते हैं. यह इस्लामी कैलेंडर की खासियत है, जो चंद्रमा पर आधारित होता है. हर साल रमजान की तारीख में 10-11 दिन का फर्क आता है.
सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, अफगानिस्तान, लेबनान जैसे कई देशों में 18 फरवरी से रोजे चल रहे हैं. भारत में 19 फरवरी से मुसलमान रोजा रख रहे हैं. कुछ देशों में खगोलीय गणना या सऊदी घोषणा पर आधारित फैसला होता है, जबकि फिजी और न्यूजीलैंड जैसे दूर के इलाकों में स्थानीय चांदबीन जरूरी मानी जाती है.
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है. इसमें मुसलमान सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं, इबादत करते हैं और आत्मशुद्धि पर ध्यान देते हैं. चांद दिखना इस महीने की शुरुआत का मुख्य आधार है. फिजी और न्यूजीलैंड में देरी से शुरू होने से वहां के मुसलमानों को एक दिन बाद रोजे शुरू करने होंगे, लेकिन वे अपनी परंपरा के अनुसार चल रहे हैं. First Updated : Thursday, 19 February 2026