नई दिल्ली : ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर पर बम से लैस ड्रोन ने हमला किया. जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई. यह घटना अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई के बीच हुई है. ओमान ने हमले की पुष्टि की. लेकिन हमलावर की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है. क्षेत्र में तनाव चरम पर है और समुद्री मार्ग खतरे में पड़ गए हैं.
आपको बता दें कि सोमवार को ओमान की राजधानी मस्कट के तट पर मार्शल आइलैंड्स ध्वज वाले तेल टैंकर MKD VYOM पर संदिग्ध प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ. वी.शिप्स एशिया ने बताया कि इंजन रूम में मौजूद एक चालक दल सदस्य की मौत हो गई. वह भारतीय था. जहाज में विस्फोट के बाद आग लग गई. ओमान न्यूज एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है. रविवार से ही इस घटना की खबरें आ रही थीं.
मुसंदम प्रायद्वीप के खसब बंदरगाह से पांच नॉटिकल मील उत्तर में पलाऊ ध्वज वाले तेल टैंकर स्काईलाइट पर हमला हुआ. इसमें 20 चालक दल थे. जिनमें 15 भारतीय और 5 ईरानी शामिल थे. चार लोगों को अलग-अलग गंभीरता से चोटें आईं. पूरे चालक दल को सुरक्षित निकाला गया. ओमान मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ने एक्स पर जानकारी दी. जहाज अमेरिकी प्रतिबंधित सूची में था.
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अल जजीरा को दिए साक्षात्कार में कहा कि डुकम बंदरगाह पर हमला उनकी पसंद नहीं था. उन्होंने बताया कि सशस्त्र बल अब सामान्य निर्देशों के आधार पर स्वतंत्र रूप से कार्रवाई कर रहे हैं. ईरानी राज्य टीवी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाला एक अपराधी टैंकर डूब रहा है. उन्होंने जलते टैंकर का धुआं उठता हुआ वीडियो भी दिखाया.
अमेरिका-इजरायल के ईरान पर बड़े हवाई हमलों के बाद तेहरान ने खाड़ी देशों में जवाबी हमले तेज कर दिए हैं. दुबई. दोहा. मनामा और ओमान के डुकम बंदरगाह में लगातार दो दिनों से विस्फोटों की खबरें हैं. ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने वाले जहाजों को धमकी दे रहा है. यह जलडमरूमध्य दुनिया के एक चौथाई समुद्री तेल और पांचवें हिस्से के तरलीकृत गैस का रास्ता है.
लगातार हमलों से होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में जहाजरानी बाधित हो गई है. ईरान के हमलों ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है. ओमान जैसे मध्यस्थ देश भी अब निशाने पर हैं. भारतीय चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा चला तो तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं. First Updated : Monday, 02 March 2026