हॉर्मुज समुद्री मार्ग को खोलने की उम्मीद अब लगभग खत्म हो गई है। इस रास्ते को खोलने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिश की गई थी। लेकिन सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव पास नहीं हो सका। रूस और चीन ने वीटो का इस्तेमाल किया। इसके चलते प्रस्ताव गिर गया। यह फैसला वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अब इस मार्ग के खुलने की उम्मीद कम हो गई है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यह मुद्दा उठाया गया था। बहरीन ने इस पर प्रस्ताव रखा था। लेकिन रूस और चीन ने इसका विरोध किया। दोनों देशों ने वीटो का इस्तेमाल किया। इसी वजह से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका। यह कदम अंतरराष्ट्रीय राजनीति का बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे अमेरिका की रणनीति को भी झटका लगा है।
करीब डेढ़ महीने से यह समुद्री रास्ता बंद पड़ा है। ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण यह स्थिति बनी है। इस रास्ते का महत्व बहुत ज्यादा है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार प्रभावित हो रहा है। कई देशों की चिंता बढ़ गई है। यह संकट लगातार गहराता जा रहा है।
इसी दौरान Donald Trump की चेतावनी भी सामने आई है। उन्होंने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। समय सीमा का जिक्र किया गया है। अगर समझौता नहीं हुआ तो कार्रवाई की बात कही गई है। इससे हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। दुनिया की नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी है।
यूएई ने इस मामले में बहरीन का साथ दिया है। उसने सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की है। यूएई का कहना है कि यह सिर्फ क्षेत्रीय मुद्दा नहीं है। यह वैश्विक स्थिरता से जुड़ा मामला बन चुका है। खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसलिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत बताई गई है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम है। तेल सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से जाता है। इसके बंद रहने से बाजार पर असर पड़ रहा है। कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति लंबे समय तक चुनौती बनी रह सकती है।
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि हालात गंभीर होते जा रहे हैं। हर दिन बिना समाधान के गुजर रहा है। इससे संकट और गहरा हो सकता है। खासकर विकासशील देशों पर ज्यादा असर पड़ेगा। वैश्विक संतुलन बिगड़ने का खतरा है। आने वाले दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं। दुनिया इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।