अगर ईरान पर हमला किया तो...ईरान के समर्थन में उतरा ये पश्चिमी एशियाई देश, US को लगाई फटकार, जानें क्या है पूरा मामला

ईरान इस वक्त विरोध-प्रदर्शन की आग में झुलसा हुआ है. एक रिपोर्ट के अनुसार हिंसक प्रदर्शनों में अब तक वहां 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच दूसरे पश्चिमी एशियाई देश कतर ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर वह ईरान पर हमला करता है तो इसका अंजाम बुरा और विनाशकारी होगा.

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नई दिल्ली : ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, कतर ने अमेरिका को आगाह किया है कि यदि उसने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की तो इसका असर पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर विनाशकारी होगा. दोहा में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि किसी भी तरह का सैन्य संघर्ष न सिर्फ क्षेत्र में बल्कि उससे बाहर भी गंभीर परिणाम ला सकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर इस स्थिति से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और क्षेत्र में सभी पक्षों के साथ बातचीत में सक्रिय रूप से शामिल है.

पिछली घटनाओं से डर रहा कतर 
आपको बता दें कि पिछले साल जून में अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले के बाद ईरान ने कतर में अमेरिकी अल-उदीद सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था. उस समय कतर ने दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराने में मध्यस्थता की थी. अल-अंसारी ने बताया कि अगर अमेरिका ने फिर से हमला किया, तो ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों के जवाब में कतर में भी हमला कर सकता है. इस प्रकार कतर वर्तमान में एक नाजुक कूटनीतिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि क्षेत्र में किसी भी बड़े युद्ध की आशंका को रोका जा सके.

विरोध-प्रदर्शन के आग में झुलस रहा ईरान 
वहीं, ईरान वर्तमान समय में विरोध-प्रदर्शनों की आग में झुलस रहा है. इन हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. इसमें आम नागरिकों के साथ-साथ सुरक्षा बल भी शामिल हैं. वॉशिंगटन ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए ईरान पर हवाई हमले की धमकी दी थी, जबकि ईरान ने पलटवार की चेतावनी दी है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिकी सेना और शिपिंग ईरान के “वैध लक्ष्य” होंगे, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ गया है.

कूटनीतिक समाधान की संभावना
कतर और कुवैत ने लगातार क्षेत्रीय तनाव को कूटनीतिक माध्यम से हल करने पर जोर दिया है. अल-अंसारी ने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत में शामिल होकर एक समाधान खोजने की कोशिश की जा रही है. उनका मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव नियंत्रण में रखा गया तो क्षेत्र में बड़े विनाश और युद्ध की स्थिति से बचा जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति के रास्ते को अभी भी खुला रखा गया है और सभी कोशिशें शांतिपूर्ण समाधान के लिए की जा रही हैं.

US-ईरान के बीच बढ़ता तनाव कतर के लिए चुनौती 
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है. कतर ने स्पष्ट किया है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं और इस समय क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है. ईरान में विरोध-प्रदर्शन और अमेरिकी धमकियों के बीच, कूटनीति ही एकमात्र मार्ग है जो युद्ध की आशंका को कम कर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि क्षेत्रीय देशों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखी जा सके. First Updated : Tuesday, 13 January 2026