होर्मुज का चक्रव्यूह तोड़ भारत आ रहे हैं खाद से भरे 15 जहाज, खरीफ सीजन में नहीं होगी यूरिया और DAP की किल्लत

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि भारत के लिए जरूरी उर्वरक और कच्चा माल लेकर आ रहे 15 बड़े मालवाहक जहाज सबसे संवेदनशील माने जाने वाले 'होर्मुज स्ट्रेट' को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक ग्लोबल सप्लाई चेन पर मंडराते संकट के बीच भारतीय कृषि क्षेत्र और देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर आई है. केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि भारत के लिए जरूरी उर्वरक और कच्चा माल लेकर आ रहे 15 बड़े मालवाहक जहाज सबसे संवेदनशील माने जाने वाले 'होर्मुज स्ट्रेट' (Strait of Hormuz) को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं. केंद्र सरकार के इस रणनीतिक कदम से यह साफ हो गया है कि देश में खेती के मौजूदा सीजन में खाद की कोई कमी नहीं होने वाली है.

15 जहाजों में आ रहा है रिकॉर्ड खाद का स्टॉक

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इन 15 जहाजों के जरिए भारत में भारी मात्रा में फर्टिलाइजर की खेप पहुंच रही है. इस बेड़े का पूरा लेखा-जोखा इस प्रकार है:

और 5 जहाज जल्द होंगे रवाना

राहत की बात यह भी है कि इस खेप के अलावा 5 और जहाजों के जल्द ही भारत के लिए रवाना होने का पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है, जिससे आने वाले दिनों में आपूर्ति पूरी तरह सुचारू रहेगी.

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की कूटनीतिक जीत

इस बड़ी उपलब्धि पर बात करते हुए केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित किया है. इस कारण न केवल समुद्री मालभाड़े में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि शिपमेंट पहुंचने में लगने वाला समय भी बढ़ गया है.

वैश्विक संकट का असर देश के अन्नदाताओं पर न पड़े

ऐसी विपरीत परिस्थितियों में विदेशों में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशनों ने बहुत सक्रिय भूमिका निभाई. भारतीय दूतावासों ने उर्वरक विभाग की मदद करते हुए दुनिया भर के संभावित बड़े उत्पादकों और नए सप्लायरों से सीधा संपर्क साधा, जिससे भारत को समय पर सुरक्षित कॉरिडोर मिल सका. जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का एकमात्र संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक संकट का असर देश के अन्नदाताओं पर न पड़े.

देश में खाद का पर्याप्त बैकअप

सरकार ने न केवल आयात बल्कि घरेलू स्तर पर भी उत्पादन को युद्धस्तर पर मजबूत किया है. मंत्रालय ने बताया कि बीच में संकट के कारण भारतीय फर्टिलाइजर प्लांट्स को होने वाली नेचुरल गैस की सप्लाई लगभग 65 फीसदी तक घट गई थी, जिसे अब पूरी तरह से 100 फीसदी बहाल कर दिया गया है. इसके चलते देश के सभी डोमेस्टिक यूरिया प्लांट अब अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं.

फर्टिलाइजर का बंपर स्टॉक जमा

वर्तमान में भारत सरकार ने देश भर में 197.56 लाख मीट्रिक टन फर्टिलाइजर का बंपर स्टॉक जमा कर लिया है. यह एडवांस स्टॉक देश की कुल 383.9 लाख मीट्रिक टन की सालाना जरूरत का 51 प्रतिशत से भी ज्यादा है. राज्य सरकारों के साथ मिलकर फर्टिलाइजर विभाग जिला स्तर पर इसकी पारदर्शी मॉनिटरिंग कर रहा है, ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके और किसानों तक खाद की हर बोरी आसानी से पहुंच सके.

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