अली खामेनेई की अंतिम यात्रा आज, ईरान में उमड़ा करोड़ों का जनसैलाब, भगदड़ का हाई अलर्ट जारी
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम यात्रा आज सोमवार को निकाली जा रही है. इस यात्रा में देश की राजधानी तेहरान में अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुटने का अनुमान है.

नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की अंतिम यात्रा आज सोमवार को निकाली जा रही है. इस यात्रा में देश की राजधानी तेहरान में अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुटने का अनुमान है. लाखों की तादाद में लोग तेहरान की केंद्रीय मस्जिद पहुंच रहे हैं, जहां अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों के पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखे गए हैं.
सबसे बड़ी चुनौती
ईरानी प्रशासन के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना है. सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि इतिहास की वो दर्दनाक घटना न दोहराई जाए, जो 1989 में देश के पहले सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के दौरान हुई थी.
1989 का मंजर
1989 में ईरान के पहले सुप्रीम लीडर आयतुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार के दौरान करीब 1 करोड़ लोगों की अनियंत्रित भीड़ उमड़ पड़ी थी. उस समय शोक में डूबे लोगों ने शव वाहन को चारों तरफ से घेर लिया था, जिससे खुमैनी के कफन का कपड़ा फट गया था और उनका पार्थिव शरीर जमीन पर गिर गया था. स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि प्रशासन को शव को उठाने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद लेनी पड़ी थी. उस भगदड़ में 10 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी और 10,000 से अधिक लोग घायल हुए थे.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रविवार को भी जब हजारों लोग ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद पहुंचे, तो वहां भगदड़ रोकने के लिए ताबूतों और आम जनता के बीच बड़ी-बड़ी कंक्रीट की दीवारें खड़ी की गई थीं. सोमवार सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली यह अंतिम यात्रा पूरे शहर में करीब 10 से 12 घंटे तक चलेगी. प्रशासन ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि आम लोगों को ताबूत के कितने करीब जाने की अनुमति होगी.
कैसे हुई खामेनेई की मौत
यह अंतिम संस्कार ईरान के लिए अपनी ताकत का प्रदर्शन भी है. दरअसल, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में अली खामेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी, जिसके बाद पांच हफ्तों तक युद्ध चला. ईरान इस भीड़ के जरिए दुनिया को दिखाना चाहता है कि वह इस संकट के बाद भी पूरी मजबूती से खड़ा है.
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा अब भी गायब
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा अब भी गायब हैं. तय कार्यक्रम के मुताबिक, तेहरान के बाद मंगलवार को धार्मिक शहर कोम, बुधवार को इराक के पवित्र शहरों नजफ व कर्बला में कार्यक्रम होंगे. इसके बाद गुरुवार को खामेनेई के पैतृक शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. रविवार को खामेनेई के तीन बेटे पहली बार जनता के सामने आए, लेकिन उनके सबसे चर्चित बेटे मोजतबा खामेनेई अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसने कई तरह के सवालों को जन्म दे दिया है.


