नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ओमान के तट के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है. इस घटना में जहाज पर सवार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिका के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया और अपना विरोध दर्ज कराया.
विदेश मंत्रालय के अनुसार, "सेटेबेलो" नामक वाणिज्यिक जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिनमें 24 भारतीय थे. हादसे के बाद अब तक 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन भारतीय अब भी लापता बताए जा रहे हैं। उनकी तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है.
भारत का दूतावास ओमान की सरकार और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है. लापता भारतीयों को खोजने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बाद में पुष्टि की कि उसने 9 जून की रात इस जहाज को निशाना बनाया था. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जहाज को कई बार निर्देश दिए गए थे, लेकिन चालक दल द्वारा पालन नहीं किए जाने के बाद उसके इंजन रूम पर सटीक हमला किया गया.
हमले के बाद जहाज में आग लग गई और उसने ओमान के सोहार बंदरगाह के उत्तर-पूर्व में संकट संदेश भेजा. इसके बाद ओमानी नौसेना ने राहत और बचाव अभियान शुरू किया.
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह घटना ईरान से जुड़े समुद्री व्यापार पर अमेरिकी दबाव और प्रतिबंधों के बीच हुई है. हाल के महीनों में खाड़ी क्षेत्र में कई जहाजों को रोका गया है या उन पर कार्रवाई की गई है.
भारत ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों पर बढ़ते खतरे चिंताजनक हैं. सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. भारत का कहना है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज किया जाना चाहिए. First Updated : Thursday, 11 June 2026