नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा किया है. ईरान के इस कदम ने वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है. यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा माना जाता है.
ईरान के सर्वशक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के आवागमन के लिए "बंद" है. साथ ही चेतावनी दी गई है कि इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने की कोशिश करने वाले जहाजों को निशाना बनाया जाएगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संघर्ष चरम पर है.
आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल सरदार इब्राहिम जबारी ने जलडमरूमध्य बंद करने की घोषणा की. उन्होंने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है. अगर कोई भी इसे पार करने की कोशिश करता है, तो क्रांतिकारी गार्ड्स और नियमित नौसेना के वीर उन जहाजों को आग लगा देंगे."
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार यह निर्णय मौजूदा सैन्य हालात को देखते हुए लिया गया है. यह घोषणा ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी सशस्त्र संघर्ष के बीच एक बड़े भू-राजनीतिक संकेत के रूप में देखी जा रही है.
यह बयान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में हुई हत्या के कुछ दिनों बाद सामने आया है. इस घटना के बाद से पूरे मध्य पूर्व में तनाव और अधिक गहरा गया है.
हालांकि, रॉयटर्स ने फॉक्स न्यूज के हवाले से बताया है कि अमेरिकी केंद्रीय कमान ने ईरान के इस दावे का खंडन किया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और तेल परिवहन बाधित नहीं हुआ है.
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का संकरा प्रवेश द्वार है, जिससे होकर दुनिया के लगभग एक-पांचवें हिस्से का तेल परिवहन होता है. यह जलमार्ग अपने सबसे संकरे बिंदु पर करीब 33 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा है और फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है.
उत्तर में ईरान से घिरा यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के रूप में मान्यता प्राप्त है, जिससे होकर वाणिज्यिक जहाजों को गुजरने का अधिकार है. इस रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान से तेल और गैस लेकर टैंकर गुजरते हैं. इस ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा एशियाई देशों, खासकर चीन, की ओर जाता है.
होर्मुज जलडमरूमध्य से यातायात में किसी भी प्रकार की रुकावट वैश्विक तेल व्यापार के लिए गंभीर खतरा मानी जाती है. हालांकि सऊदी अरब और यूएई के पास कुछ सीमित पाइपलाइन मार्ग मौजूद हैं, जो इस जलमार्ग को बाईपास करते हैं, लेकिन अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार यहां से गुजरने वाली ऊर्जा की अधिकांश मात्रा के लिए कोई व्यवहार्य वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है.
फरवरी में ईरान ने सैन्य अभ्यास के दौरान इस जलमार्ग के कुछ हिस्सों में अस्थायी प्रतिबंध लगाया था, जिसके चलते तेल की कीमतों में लगभग 6 प्रतिशत तक उछाल देखा गया था.
ईरान ने अतीत में भी कई बार इस मार्ग को बंद करने की धमकी दी है, लेकिन 1980 के दशक के टैंकर युद्ध के बाद से इसे पूरी तरह से सील नहीं किया गया है. उस समय ईरान और इराक ने एक-दूसरे के वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाया था और समुद्री मार्गों में नौसैनिक खदानें बिछाई थीं.
तेजी से बढ़ते इस संकट में अब तक कम से कम 500 लोगों की मौत का अनुमान है, जिनमें 6 अमेरिकी सैन्यकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं. अमेरिका और इजरायल के समन्वित हमलों के जवाब में ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन जैसे खाड़ी देशों पर मिसाइल हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं.
इसके अलावा तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान पर भी मिसाइलें दागी हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है. First Updated : Tuesday, 03 March 2026