ईरान ने की जंग रोकने की पहल! ट्रंप को दिया नया फॉर्मूला, क्या अब बनेगी शांति वार्ता पर बात?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता ठप पड़ी है. अब ईरान ने नया शांति प्रस्ताव दिया है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर मतभेद के कारण अमेरिका के लिए इसे स्वीकार करना मुश्किल दिख रहा है.

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता लगातार बढ़ती जा रही है. दोनों देशों के रुख को देखते हुए यह सवाल और भी गंभीर होता जा रहा है कि क्या वे किसी समझौते तक पहुंच पाएंगे या नहीं. हालात ऐसे हैं कि न तो कोई पक्ष झुकने को तैयार है और न ही बातचीत की दिशा में ठोस पहल होती दिख रही है.
बातचीत पर क्या बोला अमेरिका?
पाकिस्तान में प्रस्तावित दूसरे दौर की वार्ता भी नहीं हो सकी, जिससे यह संकेत मिलता है कि दोनों देश फिलहाल आमने-सामने बैठकर चर्चा करने के इच्छुक नहीं हैं. अमेरिकी नेतृत्व ने ये साफ कर दिया है कि वे अपने प्रतिनिधियों को लंबी दूरी की यात्रा कर पाकिस्तान भेजने के पक्ष में नहीं हैं. उनका कहना है कि यदि ईरान को बातचीत करनी है तो उसे खुद पहल करते हुए या तो अमेरिका आना चाहिए या फिर फोन के जरिए बातचीत करनी चाहिए.
अब एक सकारात्मक पहलू यह सामने आया है कि ईरान ने अमेरिका के सामने शांति बहाल करने के लिए एक नया प्रस्ताव रखा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने का सुझाव दिया है. इस प्रस्ताव का उद्देश्य तत्काल युद्धविराम सुनिश्चित करना और भविष्य में कूटनीतिक स्तर पर समाधान तलाशना है.
परमाणु कार्यक्रम को लेकर विवाद
इस प्रस्ताव को स्वीकार करना अमेरिका के लिए आसान नहीं माना जा रहा है. दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ही है. अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त नियंत्रण स्वीकार करे, जबकि ईरान इस मामले में किसी बड़े समझौते के लिए तैयार नहीं दिखता. ऐसे में परमाणु मुद्दे को टालने वाला प्रस्ताव अमेरिका की रणनीति के खिलाफ जा सकता है.
अमेरिकी प्रशासन की ओर से संकेत मिले हैं कि वे ईरान पर दबाव बनाए रखने की नीति जारी रख सकते हैं. खासतौर पर समुद्री नाकेबंदी के जरिए ईरान के तेल निर्यात को रोकने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है. माना जा रहा है कि इस दबाव के जरिए अमेरिका ईरान को झुकने के लिए मजबूर करना चाहता है.


