नई दिल्ली: इजरायल एयर फोर्स (IAF) ने ईरान के पश्चिमी शहर तबरीज के हवाई अड्डे पर बड़ा हमला किया है. इस हमले में ईरान के दो पुराने लड़ाकू विमान पूरी तरह नष्ट हो गए. ये विमान उड़ान भरने के लिए तैयार खड़े थे, लेकिन इजरायल ने सटीक मिसाइल हमले से उन्हें जमीन पर ही तबाह कर दिया.
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला ईरान की वायुसेना की क्षमता को कमजोर करने के लिए किया गया. इजरायल का दावा है कि ईरान की हवाई रक्षा व्यवस्था को पहले से ही काफी नुकसान पहुंचाया जा चुका है.
IDF ने कहा, "हम ईरान की आतंकवादी व्यवस्था से जुड़े सभी ढांचों पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं ताकि इजरायल के खिलाफ कोई खतरा पैदा न हो सके." यह हमला इजरायल की आत्मरक्षा की नीति का हिस्सा बताया जा रहा है.
हमले में नष्ट हुए विमान ईरान के बहुत पुराने F-4 और F-5 मॉडल के थे. ये लड़ाकू विमान 1970 और 1980 के दशक में अमेरिका से खरीदे गए थे. ईरान के पास अब इनकी बहुत कम संख्या बची है और ये आधुनिक हवाई युद्ध में कमजोर माने जाते हैं. इजरायल ने इन्हें उड़ान भरने से पहले ही नष्ट कर दिया ताकि ये कभी इजरायल के खिलाफ इस्तेमाल न हो सकें.
यह हमला इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का एक और उदाहरण है. पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों और हवाई रक्षा सिस्टम पर बड़े हमले किए हैं. इजरायल का कहना है कि ये कार्रवाइयां आत्मरक्षा के लिए जरूरी हैं और ईरान से आने वाले खतरों को रोकने के लिए की जा रही हैं.
ईरान ने अभी तक इस नए हमले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पहले के हमलों के जवाब में ईरान ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे. विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल अब ईरान की पूरी हवाई ताकत को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है ताकि भविष्य में कोई बड़ा खतरा न बने. First Updated : Sunday, 01 March 2026