नई दिल्ली: इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने रविवार को ईरान के कई तेल डिपो पर ताबड़तोड़ हमले किए. इन हमलों के बाद तेहरान और आसपास के इलाकों में भारी धुआं फैल गया, जिससे आसमान काला दिखाई देने लगा है और हवा की गुणवत्ता गंभीर रूप से प्रभावित हुई है.
हमलों के बाद हालात इतने खराब हो गए हैं कि हवा में तेल के कण फैलने की शिकायतें सामने आई हैं. इसके कारण स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी खतरे का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन ने लोगों को मास्क पहनकर ही बाहर निकलने की सलाह दी है.
इजरायल की ओर से किए गए हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण तेल डिपो निशाने पर आए हैं. इन हमलों के बाद वहां भीषण आग लग गई, जिससे घना धुआं उठने लगा और आसमान पूरी तरह काला नजर आने लगा.
तेहरान से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि शहर के ऊपर धुएं की मोटी परत छा गई है. सड़कों, इमारतों और वाहनों पर भी तेल के धब्बे दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें साफ करना मुश्किल हो रहा है.
शहर के गवर्नर ने लोगों से अपील की है कि वे बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें. उनका कहना है कि हवा प्रदूषित हो चुकी है और इससे लोगों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है.
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार देश के कई तेल डिपो पर हमले हुए हैं. इनमें तेहरान के पूर्वोत्तर इलाके में स्थित अघदासेह ऑइल डिपो और शाहरान का ऑइल डिपो शामिल है. इसके अलावा एक ऑइल रिफाइनरी को भी इजरायल के हमले का निशाना बनाया गया है.
इजरायल की सेना ने भी इन हमलों की पुष्टि की है. सेना का कहना है कि इन तेल डिपो पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि ईरानी सेना इनका इस्तेमाल कर रही थी.
इजरायल के मुताबिक इन्हीं डिपो के जरिए ईरान की सेना से जुड़े लोगों को तेल की आपूर्ति की जा रही थी.
ईरान की FARS न्यूज एजेंसी के अनुसार तेहरान में कुल चार तेल डिपो और एक ऑइल ट्रांसफर सेंटर पर हमले किए गए हैं.
इन हमलों में एक डिपो पर मौजूद तेल टैंकरों के चार चालक भी मारे गए. आग लगने के बाद इन डिपो से उठता धुआं घंटों तक आसमान में फैलता रहा, जिससे पूरे इलाके में काली परत जम गई है.
हमलों के बाद उठे धुएं में मौजूद तेल की परत अब धीरे-धीरे नीचे गिर रही है. इसके कारण आसपास के इलाकों में इमारतों और सड़कों पर काली परत जम गई है.
तेहरान और उसके आसपास करीब एक करोड़ की आबादी रहती है, जिससे यह स्थिति बड़ी आबादी के लिए चिंता का कारण बन गई है.
ईरान की रेड क्रेसेंट सोसायटी के मुताबिक आसमान में जमा तेल के कण अब धीरे-धीरे नीचे गिर रहे हैं. इससे हवा में खतरनाक तत्व फैल गए हैं, जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं.
इसके कारण लोगों को त्वचा संबंधी एलर्जी और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं होने लगी हैं. प्रशासन ने लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है और जरूरी होने पर ही बाहर निकलने को कहा है.
इजरायल ने ईरान के अलावा लेबनान में भी हमले किए हैं. इन हमलों में अब तक 394 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 83 बच्चे भी शामिल बताए गए हैं.
गौरतलब है कि इजरायल और लेबनान के बीच नवंबर 2024 में ही सीजफायर हुआ था, लेकिन इसके बावजूद हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. First Updated : Monday, 09 March 2026