सीज़फ़ायर के बीच इजराइल ने गाज़ा में ड्रोन हमला; मुवासी कैंप में फ़िलिस्तीनी भाई-बहन की हुई मौत
शनिवार को ही पश्चिमी गाज़ा शहर में विस्थापित लोगों के एक टेंट को निशाना बनाया गया। शिफ़ा अस्पताल ने कहा कि इस हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं।

नई दिल्ली: दक्षिणी गाज़ा के मुवासी इलाके में शनिवार को इज़रायली ड्रोन हमले में दो फ़िलिस्तीनी भाई-बहन की जान चली गई। नासेर अस्पताल के मुताबिक मारे गए लोगों में 15 साल की इस्लाम मूसा और उनके 30 साल के भाई अब्दुल्ला मूसा शामिल हैं। अस्पताल ने बताया कि टेंट पर हुए इस हमले में कम से कम सात लोग घायल भी हुए।
पश्चिमी गाज़ा में भी टेंट पर हमला, 12 घायल
शनिवार को ही पश्चिमी गाज़ा शहर में विस्थापित लोगों के एक टेंट को निशाना बनाया गया। शिफ़ा अस्पताल ने कहा कि इस हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं हैं। फ़िलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार दो घायलों की हालत गंभीर है। गाज़ा शहर में जोरदार धमाके की आवाज भी सुनी गई। इज़रायली सेना ने इस दूसरे हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
इज़रायल का दावा: हमास के चरमपंथी को बनाया निशाना
इज़रायली सेना ने माना कि उसने मुवासी इलाके में हमला किया था। सेना का कहना है कि हमास के एक चरमपंथी को टारगेट किया गया था। हालांकि सेना ने तुरंत कोई और जानकारी नहीं दी। नासेर अस्पताल के आंगन में रिश्तेदार सफ़ेद कफ़न में लिपटे शवों के पास रोते दिखे।
सीज़फ़ायर के बाद भी जारी हैं हमले
ये हमले अक्टूबर में हुए नाज़ुक सीज़फ़ायर के बावजूद हुए हैं। इज़राइल और हमास दोनों एक-दूसरे पर समझौता तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इज़राइल का कहना है कि वह सिर्फ ख़तरा पैदा करने वाले चरमपंथियों पर कार्रवाई कर रहा है।
गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय: 1,030 से ज्यादा मौतें
गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सीज़फ़ायर लागू होने के बाद से इज़रायली हमलों में 1,030 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं। मंत्रालय ने बताया कि इनमें 250 से ज़्यादा बच्चे शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र विशेषज्ञों ने इज़राइल पर बच्चों को जान-बूझकर निशाना बनाने और नरसंहार का आरोप लगाया है। इज़राइल ने इन आरोपों को खारिज किया है।
यह जंग 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुई थी, जब हमास के हमले में इज़राइल में करीब 1,200 लोग मारे गए और 251 बंधक बनाए गए थे। गाज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय का दावा है कि इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 73,050 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। आंकड़ों से साफ है कि सीज़फ़ायर के बाद भी घातक हमले नहीं रुके हैं।


