सेशेल्स के विदेश मंत्री ने PM मोदी को बताया खास दोस्त; कहा 'भारत ने कभी दबाव नहीं डाला'
फॉरे ने बताया कि फरवरी में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान जॉइंट विज़न पर साइन हुए थे। साथ ही भारत ने 175 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट का ऐलान किया था।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा दोहरी ऐतिहासिक घड़ी पर हो रहा है। एक तरफ सेशेल्स अपनी आजादी की गोल्डन जुबली मना रहा है, दूसरी तरफ भारत-सेशेल्स राजनयिक रिश्तों के 50 साल पूरे हो रहे हैं। 'इंडिया टुडे ग्लोबल' से बातचीत में सेशेल्स के विदेश मंत्री बैरी फॉरे ने भारत को "खास दोस्त" कहा। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा सेशेल्स की संप्रभुता और रणनीतिक आजादी का सम्मान किया है।
जॉइंट विज़न और 175 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट
फॉरे ने बताया कि फरवरी में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी की भारत यात्रा के दौरान जॉइंट विज़न पर साइन हुए थे। साथ ही भारत ने 175 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट का ऐलान किया था। फॉरे बोले, "यह दौरा निर्णायक है। हमारे रिश्ते अब बेहतर स्तर पर पहुंचेंगे। हम जॉइंट विज़न और आर्थिक पैकेज को लागू करने में जुटे हैं। भारत का व्यावहारिक रवैया शानदार है।"
ई-मोबिलिटी से सोशल हाउसिंग तक, बड़े प्रोजेक्ट्स की शुरुआत
इस दौरे में ई-मोबिलिटी, समुद्री सुरक्षा और सोशल हाउसिंग के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन होगा। फॉरे ने कहा कि 1,500 सोशल हाउसिंग यूनिट्स से एक लाख की आबादी वाले देश में बड़ा बदलाव आएगा। टेक्निकल एजुकेशन सेंटर भी खुल रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सुधार होगा क्योंकि बड़ी वर्कफोर्स रोज बसों से आती-जाती है। ये प्रोजेक्ट्स पर्यावरण पर असर कम करेंगे और 4-5 साल में नतीजे दिखेंगे।
भारत क्यों है 'खास दोस्त'
सेशेल्स अहम समुद्री रास्तों पर है, इसलिए कई देश साझेदारी चाहते हैं। लेकिन फॉरे के मुताबिक भारत अलग है। "पिछले 50 साल से भारत वफादार साथी रहा है। उसने हमारी आजादी का सम्मान किया। जब भी संकट आया, भारत मदद को खड़ा रहा। इसीलिए हम इसे खास दोस्त मानते हैं।"
समुद्री सुरक्षा में भारत की बड़ी भूमिका
रक्षा सहयोग रिश्ते का मजबूत स्तंभ है। भारतीय नौसेना का दल गोल्डन जुबली समारोह में शामिल हो रहा है। फॉरे ने कहा कि भारत ने समुद्री डकैती कम करने में अहम भूमिका निभाई। पेट्रोल वेसल, डॉर्नियर विमान, रडार, ट्रेनिंग और संयुक्त अभ्यास से सेशेल्स की ताकत बढ़ी है। "हमारा समुद्री इलाका जमीन से 3000 गुना बड़ा है। भारत की मदद से ही हम गैर-कानूनी समुद्री गतिविधियों पर बने ग्रुप की अध्यक्षता कर रहे हैं।"


