भारतीय तिरंगे के रंग में नहाया नेसेट, पीएम मोदी के स्वागत में इजरायल का खास सम्मान
पीएम मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा से पहले वहां की संसद नेसेट को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया. नेसेट के स्पीकर आमिर ओहाना ने इस विशेष अवसर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की.

नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा से पहले वहां की संसद नेसेट को भारतीय तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया. यह कदम भारत और इजरायल के बीच मजबूत होते रिश्तों के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है. संसद भवन पर तिरंगे की रोशनी ने दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और आपसी सम्मान को दर्शाया.
नेसेट के स्पीकर आमिर ओहाना ने साझा की तस्वीर
नेसेट के स्पीकर आमिर ओहाना ने इस विशेष अवसर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें संसद भवन भारतीय ध्वज के रंगों में सजा हुआ नजर आया. यह आयोजन ऐसे समय में किया गया है, जब प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी से इजरायल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंच रहे हैं. इसे दोनों देशों के गहरे होते संबंधों का प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है.
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा पिछले नौ वर्षों में उनकी दूसरी इजरायल यात्रा होगी. इससे पहले 2017 में उनकी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था. इस बार की यात्रा में रक्षा, व्यापार, तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने पर जोर दिया जाएगा. सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को और उन्नत स्तर तक ले जाने पर चर्चा हो सकती है.
बेंजामिन नेतन्याहू करेंगे पीएम मोदी का स्वागत
इजरायल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू करेंगे. दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ताएं प्रस्तावित हैं. प्रधानमंत्री नेसेट को संबोधित भी करेंगे, जो एक महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है. इसके अलावा, वे तकनीकी नवाचार से जुड़ी एक प्रदर्शनी में भाग लेंगे और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे. नेतन्याहू प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन भी करेंगे.
अपने कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री यरुशलम स्थित याद वाशेम स्मारक पर जाकर होलोकॉस्ट पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात करेंगे. यह यात्रा दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों को भी मजबूत करने का अवसर मानी जा रही है.
इस दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में कई समझौतों की संभावना है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को नई दिशा देगी और साझा चुनौतियों का सामना करने के लिए साझेदारी को और मजबूत बनाएगी.


