नई दिल्ली : ब्रिटेन की राजधानी लंदन के हैमरस्मिथ इलाके में भारतीय व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘रंगरेज’ अब अपनी 16 साल लंबी सफल यात्रा को समाप्त करने जा रहा है. इसके मालिक हरमन सिंह कपूर ने भारी मन से अपना कारोबार समेटने का ऐलान किया है. यह फैसला आर्थिक मुनाफे की कमी के कारण नहीं, बल्कि लगातार बढ़ते हमलों और मानसिक प्रताड़ना की वजह से लिया गया है. कपूर के अनुसार, यह एक उद्यमी के उस संघर्ष की कहानी है जहां सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए उसे अपनी आजीविका की बलि देनी पड़ रही है.
आपको बता दें कि हरमन सिंह कपूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें पिछले कई महीनों से लगातार शारीरिक हमलों और ऑनलाइन ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी समूहों द्वारा उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है. कपूर का कहना है कि इस डर के साये में काम करना अब संभव नहीं रह गया है, इसलिए वे अगले महीने अपना रेस्टोरेंट पूरी तरह बंद कर देंगे. वे अब एक ऐसे वातावरण में रहना चाहते हैं जहां वे और उनका परिवार सुरक्षित महसूस कर सके.
अपने बयान में कपूर ने लंदन मेट्रोपॉलिटन पुलिस की भूमिका पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं. उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और साक्ष्य देने के बावजूद उन्हें पुलिस से कोई ठोस सुरक्षा या सहयोग नहीं मिला. कानून लागू करने वाली एजेंसियों की इसी उदासीनता ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए. कपूर ने बढ़ती लागत, ऑनलाइन प्रताड़ना और पुलिस के असहयोग को रेस्टोरेंट बंद करने के मुख्य कारणों में शामिल किया है. उन्हें महसूस होने लगा था कि अब अकेले लड़ना उनके बस के बाहर है.
भले ही हरमन सिंह कपूर का रेस्टोरेंट बंद हो रहा है, लेकिन उनके हौसले अब भी अडिग हैं. उन्होंने घोषणा की है कि वे अब पूरी तरह से सामाजिक और वैचारिक सक्रियता यानी एक्टिविज़्म पर ध्यान केंद्रित करेंगे. कपूर ने स्पष्ट किया कि अलगाववादी ताकतों ने भले ही उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाया हो, लेकिन वे उनके इरादों को कमजोर नहीं कर सकते. अब वे खुले मंचों से अपनी बात रखेंगे और गलत प्रवृत्तियों के खिलाफ अपनी लड़ाई को और अधिक व्यापक और मुखर बनाने की योजना बना रहे हैं.
इस पूरे विवाद की जड़ मार्च 2023 की उस घटना में छिपी है जब कपूर ने खालिस्तान आंदोलन के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाई थी. उन्होंने खालिस्तान के नाम पर चल रही गतिविधियों और अमृतपाल सिंह जैसे नेताओं का मजाक उड़ाते हुए वीडियो पोस्ट किए थे. इसी वैचारिक विरोध के कारण वे चरमपंथियों के निशाने पर आ गए. कपूर का कहना है कि वे हमेशा शांति और अखंडता के पक्षधर रहे हैं, लेकिन उनकी देशभक्ति को ही उनके व्यवसाय के खिलाफ हथियार बना लिया गया और उन्हें लगातार निशाना बनाया गया.
‘रंगरेज’ के बंद होने की खबर ने न केवल लंदन के स्थानीय भारतीय समुदाय को निराश किया है, बल्कि विदेशी धरती पर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है. यह मामला दर्शाता है कि कैसे वैचारिक लड़ाइयां अब व्यक्तिगत जीवन और सफल व्यवसायों को तबाह कर रही हैं. प्रवासी भारतीयों के बीच अब अपनी अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. यह मामला अब एक व्यक्तिगत लड़ाई से बढ़कर विदेशी जमीन पर भारतीय अस्मिता और कूटनीतिक सुरक्षा से जुड़ा एक बड़ा और गंभीर सवाल बन गया है. First Updated : Tuesday, 24 February 2026