नाइजीरिया एयरस्ट्राइक में बड़ी चूक: गलत निशाने से 100 से अधिक लोगों की मौत, कई घायल

नाइजीरिया से एक बहुत ही दुखद खबर आई है, जहां आतंकवादियों को निशाना बनाने के लिए किए गए हवाई हमले में 100 से अधिक आम लोगों की जान चली गई. बताया जा रहा है कि यह घटना यॉबे राज्य में एक लोकल साप्ताहिक बाजार के पास हुई, जहां आम लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इकट्ठा हुए थे.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां आतंकियों को निशाना बनाकर की गई हवाई कार्रवाई एक बड़े मानवीय संकट में बदल गई. इस हमले में 100 से अधिक आम नागरिकों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिससे इलाके में मातम और भय का माहौल है.

बताया जा रहा है कि यह घटना यॉबे राज्य के एक स्थानीय साप्ताहिक बाजार के पास हुई, जहां आम लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इकट्ठा हुए थे. एयरफोर्स का निशाना बोको हराम के ठिकाने थे, लेकिन हमला गलत दिशा में चला गया और निर्दोष लोग इसकी चपेट में आ गए.

आतंकियों को निशाना बनाकर की गई थी कार्रवाई

मिली जानकारी के अनुसार, नाइजीरियाई एयरफोर्स ने रविवार (12 अप्रैल) को बोको हराम के ठिकानों को लक्ष्य बनाते हुए हवाई हमला किया था. यह इलाका यॉबे और बॉर्नो राज्य की सीमा के पास स्थित है, जहां पिछले कई वर्षों से आतंकी गतिविधियां जारी हैं. हालांकि, हमले की दिशा में हुई चूक के कारण पास के जिली साप्ताहिक बाजार में मौजूद आम नागरिकों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जताई चिंता

एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, इस हमले में कम से कम 100 लोगों की मौत हुई है. संगठन के नाइजीरिया निदेशक ईसा सनूसी ने कहा, "उनके पास मृतकों की तस्वीरें हैं, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं." उन्होंने यह भी बताया कि उनकी टीम ने अस्पतालों और पीड़ितों से संपर्क कर हालात की पुष्टि की है.

घायलों का इलाज जारी

गीदाम जनरल अस्पताल के एक कर्मचारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि कम से कम 23 घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है. हमले में घायल हुए लोगों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और अस्पतालों में अफरा-तफरी का माहौल है.

सरकार और सेना का बयान

यॉबे राज्य सरकार ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हमला बोको हराम के गढ़ को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन बाजार में मौजूद कुछ नागरिक भी इसकी चपेट में आ गए. वहीं, नाइजीरियाई सेना ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने एक आतंकी ठिकाने और लॉजिस्टिक हब को सफलतापूर्वक निशाना बनाया, जहां कई आतंकी मोटरसाइकिलों पर सवार थे. हालांकि, सेना ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस हमले में चूक कैसे हुई.

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि नाइजीरिया में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं. 2017 के बाद से अब तक ऐसे हवाई हमलों में करीब 500 नागरिकों की जान जा चुकी है. इसकी मुख्य वजह खुफिया जानकारी में कमी और जमीनी व हवाई बलों के बीच तालमेल की कमी मानी जाती है.

बाजार में आते थे आतंकी

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस बाजार के पास यह हमला हुआ, वहां अक्सर बोको हराम के लड़ाके खाने-पीने का सामान खरीदने के लिए आते थे. एक लोकल सिक्योरिटी ग्रुप के सदस्य अब्दुलमोमिन बुलामा ने बताया, "खुफिया जानकारी मिली थी कि आतंकी बाजार के पास इकट्ठा होकर आसपास के इलाकों पर हमला करने की योजना बना रहे थे." इसी सूचना के आधार पर एयरफोर्स ने कार्रवाई की थी.

स्वतंत्र जांच की मांग

इस घटना के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है. संगठन ने आरोप लगाया है कि सेना अक्सर नागरिकों की मौत को आतंकी बताकर नजरअंदाज कर देती है.

लंबे समय से सुरक्षा संकट झेल रहा है नाइजीरिया

गौरतलब है कि नाइजीरिया, जो अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश है, लंबे समय से सुरक्षा संकट से जूझ रहा है. खासकर उत्तर क्षेत्र में बोको हराम और उससे जुड़े अन्य आतंकी संगठनों की गतिविधियों ने हालात को और गंभीर बना दिया है. इसके अलावा, इस्लामिक स्टेट से जुड़े गुट और अपहरण करने वाले सशस्त्र गिरोह भी यहां सक्रिय हैं, जो लोगों से फिरौती वसूलते हैं.

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