भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का बड़ा बयान, ‘मैं न होता तो 35 मिलियन लोग मारे जाते!’

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि यदि अमेरिका ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी और लगभग 3.5 करोड़ लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है. अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनकी कूटनीतिक पहल की वजह से दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध टल गया. उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा था कि यदि अमेरिका ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी और लगभग 3.5 करोड़ लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी.

भारत और पाक के बीच तनाव तेजी से बढ़ा

ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा था और हालात परमाणु टकराव की दिशा में बढ़ते दिख रहे थे. उन्होंने दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से सीधे बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. उनके अनुसार, इस बातचीत का सकारात्मक असर पड़ा और संघर्ष को आगे बढ़ने से रोका जा सका. ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी पहल से क्षेत्र में शांति बनाए रखने में मदद मिली.

अमेरिकी राष्ट्रपति इससे पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से फोन पर बातचीत की थी, जिसके बाद दोनों देशों ने संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया. हालांकि, भारत सरकार ने इन दावों को स्पष्ट रूप से खारिज किया है. भारत का कहना है कि संघर्षविराम या तनाव कम करने का फैसला पूरी तरह द्विपक्षीय और स्वतंत्र रूप से लिया गया था, इसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं थी.

ट्रंप ने भाषण में क्या कहा? 

ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी उल्लेख किया कि भारत द्वारा किए गए सैन्य अभियान के बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन की कोशिश की थी. उनका कहना था कि भारत की सैन्य कार्रवाई के कारण पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा और उसने अमेरिका से संपर्क किया. इस संदर्भ में ट्रंप ने खुद को एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया.

इसके अलावा ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि यदि वे युद्ध नहीं रोकते, तो अमेरिका उनके खिलाफ कड़े आर्थिक कदम उठा सकता है. उन्होंने कहा कि संभावित रूप से 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की बात भी कही गई थी, जिससे दोनों देशों पर दबाव बना और तनाव कम करने में मदद मिली.

ट्रंप के इन बयानों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. जहां ट्रंप खुद को शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभाने वाला बता रहे हैं. वहीं, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि उसने अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लिए और किसी बाहरी दबाव में नहीं आया.

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