पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिका ने अपने नागरिकों और कर्मचारियों को लेकर अहम फैसला लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कराची और लाहौर में मौजूद अपने कर्मचारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। यह आदेश गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों के लिए है। उनके परिवार के लोगों को भी पाकिस्तान छोड़ने को कहा गया है। सुरक्षा हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इस फैसले से पाकिस्तान के हालात को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
अमेरिका ने खास तौर पर कराची और लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों को लेकर यह कदम उठाया है। अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा खतरा बढ़ गया है। इसलिए एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को बाहर निकाला जा रहा है। वीजा से जुड़ी सभी नियुक्तियां पहले ही रद्द कर दी गई थीं। 6 मार्च तक वीजा इंटरव्यू भी बंद कर दिए गए हैं। दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह कदम हालात की गंभीरता को दिखाता है।
इस तनाव की जड़ मिडिल ईस्ट का युद्ध है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। इसका असर पाकिस्तान तक पहुंच गया है। वहां विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
कराची और लाहौर में बड़े प्रदर्शन हुए हैं। सैकड़ों लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर जमा हो गए। कराची में कुछ प्रदर्शनकारी दूतावास के अंदर घुसने की कोशिश करने लगे। हालात बिगड़ने पर सुरक्षा बलों को कार्रवाई करनी पड़ी। इस दौरान कई लोगों की मौत की खबर भी सामने आई। इसके बाद हालात और संवेदनशील हो गए। इसी वजह से अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को निकालने का फैसला किया।
अमेरिका ने चेतावनी भी जारी की है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों का खतरा बना हुआ है। आतंकवादी बिना चेतावनी के हमला कर सकते हैं। भीड़ वाले इलाकों को निशाना बनाया जा सकता है। बाजार, होटल और एयरपोर्ट भी खतरे में हो सकते हैं। स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें भी निशाने पर हो सकती हैं। इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने को कहा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की स्थिति अभी नहीं बदली है। वहां से कर्मचारियों को हटाने का आदेश नहीं दिया गया है। हालांकि वहां भी वीजा सेवाएं फिलहाल रोक दी गई हैं। 6 मार्च तक सभी वीजा अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे और कदम उठाए जा सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ युद्ध अब कई देशों को प्रभावित कर रहा है। ईरान के जवाबी हमलों ने खाड़ी देशों को भी सतर्क कर दिया है। अमेरिका ने सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस से भी अपने कर्मचारियों को निकालने की अनुमति दी है। इससे साफ है कि हालात गंभीर बने हुए हैं। दुनिया की नजर अब इस संकट पर टिकी है। आने वाले दिनों में स्थिति और बदल सकती है। First Updated : Wednesday, 04 March 2026