कुवैत के अमीर से PM मोदी ने की अहम बातचीत, क्षेत्रीय और भारतीयों की सुरक्षा पर हुआ मंथन

पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल सबाह से टेलीफोन पर बातचीत की है.

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जाबेर अल सबाह से टेलीफोन पर बातचीत की है. बता दें, इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में विकसित हो रही स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और शांति बहाली के प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की है. इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई चलिए जानते है. 

पीएम मोदी ने क्या कहा 

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गंभीर चिंता व्यक्त की है. इस दौरान उन्होंने कुवैत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति भारत के समर्थन को दोहराते हुए किसी भी प्रकार के हमले की कड़ी निंदाकी है.  प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संवाद, कूटनीति और संयम ही स्थायी समाधान का रास्ता है.

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में कुवैत में हुए एक ड्रोन हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे. वहीं  घटना के बाद भारत सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

अमीर शेख का किया आभार व्यक्त 

प्रधानमंत्री मोदी ने कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अमीर का आभार भी व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध और आपसी सहयोग क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं. इस बीच, पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने की आशंकाएं बढ़ी हैं. खासतौर पर होर्मुज जलमार्ग को लेकर स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है.. 

अमेरिका और ईरान का समझौता 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम समझौते तक क्षेत्र में लागू प्रतिबंधात्मक कदम जारी रहेंगे. First Updated : Tuesday, 09 June 2026