South America के ड्रेक पैसेज में आया शक्तिशाली भूकंप, 7.5 दर्ज की गई तीव्रता... चिली और अंटार्कटिका में अलर्ट जारी

ड्रेक पैसेज क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 10.8 किमी थी. चिली और अंटार्कटिका में सूनामी को लेकर एहतियात बरती गई. हालांकि किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है. यह क्षेत्र पहले भी भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता रहा है. इससे पहले रूस में भी शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसने पूरे प्रशांत क्षेत्र में सूनामी अलर्ट बढ़ा दिया था.

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Drake Passage Earthquake : गुरुवार को स्थानीय समयानुसार ड्रेक पैसेज क्षेत्र में एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसकी जानकारी अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने दी. शुरुआत में इसकी तीव्रता 8.0 मापी गई थी, जिसे बाद में घटाकर 7.5 कर दिया गया. इस भूकंप की गहराई USGS के अनुसार 10.8 किलोमीटर थी, जबकि भारत के नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) ने इसकी तीव्रता 7.4 और गहराई 36 किलोमीटर बताई.

चिली और अंटार्कटिका में सूनामी की आशंका
हालांकि अमेरिकी सूनामी चेतावनी प्रणाली ने कोई तत्काल खतरा नहीं बताया, लेकिन पैसिफिक सूनामी वॉर्निंग सेंटर (PTWC) ने थोड़ी देर के लिए चिली के लिए चेतावनी जारी की थी. उनका कहना था कि अगले तीन घंटे के भीतर चिली के कुछ तटीय क्षेत्रों में खतरनाक सूनामी लहरें उठ सकती हैं. चिली की नेवी के हाइड्रोग्राफिक और ओशनोग्राफिक विभाग ने चिली के अंटार्कटिक क्षेत्र में भी सावधानी बरतने की सलाह दी है.

ड्रेक पैसेज, खतरनाक भौगोलिक क्षेत्र
दरअसल, यह जगह दक्षिण अमेरिका के केप हॉर्न और अंटार्कटिका के साउथ शेटलैंड द्वीपों के बीच स्थित एक गहरी और चौड़ी जलधारा है, जो पैसिफिक महासागर को अटलांटिक से जोड़ती है. यह क्षेत्र समुद्री और भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है.

रूस में भी आया था भूकंप, फैली थी दहशत
इससे पहले 30 जुलाई को रूस के सुदूर पूर्वी हिस्से में एक बेहद शक्तिशाली 8.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके चलते जापान और अलास्का के तटीय इलाकों में सूनामी लहरें देखी गई थीं. उस घटना के बाद पूरे प्रशांत महासागर क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया था, जिसमें हवाई, उत्तर और मध्य अमेरिका से लेकर न्यूजीलैंड तक लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी गई थी.

साउथ अमेरिका के ड्रेक पैसेज में आया यह भूकंप एक बार फिर यह याद दिलाता है कि पृथ्वी की टेक्टोनिक गतिविधियाँ कितनी खतरनाक हो सकती हैं. भले ही इस बार बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लगातार आ रहे इस तरह के झटके हमें सतर्क रहने का संकेत देते हैं. First Updated : Friday, 22 August 2025