पाकिस्तान के दिग्गज मौलाना इदरीस की हुई हत्या, जानिए कैसे हुई मौत
मौलाना इदरीस पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के बीच एक असरदार आदमी थे. वह अक्सर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ अपने करीबी रिश्तों को लेकर खबरों में रहते थे. पाकिस्तानी पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हत्या अंदरूनी झगड़ा था या टारगेटेड किलिंग.

New Delhi: मंगलवार को पाकिस्तान की एक जानी-मानी हस्ती कथित धार्मिक गुरु जिन्हें "शेख-उल-हदीस" के नाम से जाना जाता था, मौलाना मुहम्मद इदरीस तरंगजई की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार यह घटना मंगलवार सुबह चरसद्दा के उस्मानजई इलाके में हुई जहां अज्ञात बंदूकधारियों ने एक हमले के दौरान उन पर गोलियां चला दी.
हालत गंभीर
माना जाता है कि मौलाना जैश-ए-मोहम्मद संगठन के समर्थक भी थे. यह घटना मुस्लिम मॉडल स्कूल के पास एक व्यस्त सड़क पर हुई जहां स्थानीय निवासी सड़क के किनारे कतार में खड़े थे जबकि सुरक्षा बल इलाके को सुरक्षित करने की प्रक्रिया में जुटे हुए थे. उस समय ड्यूटी पर तैनात दो घायल कांस्टेबलों को तुरंत पास के एक अस्पताल ले जाया गया था. जहां उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.
सुरक्षा कांस्टेबल घायल
पुलिस ने बताया कि हमलावर वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद मौके से फरार हो गए. उस समय ड्यूटी पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल भी इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने उस वाहन पर गोलियां चलाई जिसमें शेख इदरीस तरंगजई यात्रा कर रहे थे.
मौत की पुष्टि
बाद में चरसद्दा के एक अस्पताल ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी. घटनास्थल से प्राप्त वीडियो फुटेज में एक सफेद रंग का वाहन दिखाई दे रहा है जिसका पिछला शीशा पूरी तरह से टूट चुका है और उस पर गोलियों के कई निशान मौजूद हैं. गोलीबारी के बाद, घटनास्थल के पास भारी भीड़ जमा हो गई और वहां मौजूद आम लोग और पुलिसकर्मी भी घटना के बाद के दृश्यों को कैमरे में कैद करते हुए दिखाई दिए.
कार तोड़ी गई
घटना के बाद सामने आए वीडियो फुटेज में एक सफेद कार का पिछला शीशा पूरी तरह से टूटा हुआ और कार पर गोलियों के कई निशान दिख रहे हैं. हमले के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई थी. हमलावर मौके से भागने में कामयाब रहे. घायल पुलिसवालों को पास के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.
इदरीस तरंगजई कौन थे?
मौलाना इदरीस पाकिस्तान में कट्टरपंथियों के बीच एक असरदार आदमी थे. वह अक्सर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के साथ अपने करीबी रिश्तों को लेकर खबरों में रहते थे. पाकिस्तानी पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह हत्या अंदरूनी झगड़ा था या टारगेटेड किलिंग.


