नई दिल्ली: व्लादिमीर पुतिन ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा है कि इस संघर्ष के वैश्विक प्रभाव इतने जटिल हो सकते हैं कि उनका सटीक पूर्वानुमान लगाना संभव नहीं है. पुतिन ने इस स्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न हुई वैश्विक अव्यवस्था से की.
रूस के राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्थिरता को प्रभावित करने वाले साबित हो सकते हैं. उनके अनुसार, इस संघर्ष का असर पहले ही कई अहम क्षेत्रों में दिखना शुरू हो गया है.
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के प्रमुख उद्योगपतियों के एक सम्मेलन में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों से पैदा हुआ तनाव अब वैश्विक व्यवस्था को अस्थिर करने लगा है.
पुतिन ने कहा,"मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामों का सटीक अनुमान लगाना अभी भी मुश्किल है. मुझे लगता है कि इस संघर्ष में शामिल लोग भी खुद इसका अंदाजा नहीं लगा पा रहे हैं."
रूसी राष्ट्रपति ने बताया कि इस युद्ध का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दिखने लगा है. उन्होंने कहा,
"मध्य पूर्व में सशस्त्र संघर्ष मौजूदा स्थिति को तेजी से प्रभावित कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय रसद, विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा कर रहा है."
उन्होंने विशेष रूप से हाइड्रोकार्बन, धातु और उर्वरक उद्योगों पर इसके सीधे असर की ओर इशारा किया, जो आगे चलकर व्यापक आर्थिक संकट को जन्म दे सकता है.
पुतिन ने इस स्थिति की तुलना कोविड-19 महामारी से करते हुए कहा कि जिस तरह महामारी ने बिना किसी अपवाद के वैश्विक विकास को धीमा कर दिया था, वैसा ही असर यह संघर्ष भी डाल सकता है. उन्होंने प्रतिनिधियों को याद दिलाया कि उस दौरान हर क्षेत्र और हर महाद्वीप प्रभावित हुआ था.
यह संघर्ष फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद शुरू हुआ और धीरे-धीरे पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया. इसका असर दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक पर पड़ा है.
फारस की खाड़ी को हिंद महासागर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, अब लगभग पूरी तरह से बंद हो गया है. इसके चलते तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों सहित रोजाना सैकड़ों जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है.
इस स्थिति ने खासकर ऊर्जा पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए दीर्घकालिक वैश्विक आर्थिक संकट की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है.
पुतिन ने कहा,"इस संघर्ष के अपराधियों सहित कोई भी दुनिया के लिए इसके गंभीर परिणामों का अनुमान नहीं लगा सकता है,"
और इसे महामारी के दौरान आई आर्थिक मंदी जैसी स्थिति से जोड़ा.
उन्होंने आगे कहा कि रूस को इस बदलती वैश्विक परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा. पुतिन ने राष्ट्रीय एकता और लचीलेपन पर जोर देते हुए नई रणनीति अपनाने की आवश्यकता बताई.
इसी बीच, रूस के सरकारी प्रसारक ने भी संकेत दिया कि यह संघर्ष एक बड़े वैश्विक टकराव का हिस्सा हो सकता है. चैनल वन के एक एंकर ने प्राइम टाइम शो में कहा,"हम तीसरे विश्व युद्ध के बीच में हैं, और हमें इसका पता इसके समाप्त होने के बाद ही चलेगा," और इसे इतिहास के उन संघर्षों से जोड़ा, जिन्हें बाद में ही पूरी तरह समझा जा सका. First Updated : Friday, 27 March 2026