शांति समझौते के खत्म होने के संकेत! ट्रंप के नए बयान से बढ़ा तनाव, ईरानी नेताओं को बताया बिमार लोग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपना रुख और सख्त करते हुए बातचीत से दूरी बनाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि तेहरान के साथ बातचीत नहीं करना चाहते हैं. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि ईरानी नेता "बीमार लोग" है.

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि कुछ सप्ताह पहले दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता अब उनके लिए खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में वह ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते. इसके साथ ही ट्रंप ने ईरानी नेताओं को "नीच" और "बीमार लोग" कहा.
तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप से ईरान के साथ हुए अंतरिम समझौते को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनके लिए यह समझौता अब समाप्त हो चुका है. उन्होंने कहा कि वह अब ईरान के साथ किसी भी तरह का संबंध या बातचीत आगे नहीं बढ़ाना चाहते. ट्रंप के इस बयान को दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
ईरानी नेतृत्व पर की तीखी टिप्पणी
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ईरान के नेता हिंसक सोच रखते हैं और उन पर भरोसा करना आसान नहीं है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यदि ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वह उनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटता. उनके इस बयान ने एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों में तल्खी बढ़ा दी है.
होर्मुज जलडमरूमध्य बना तनाव की बड़ी वजह
हाल के दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों के बाद हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं. यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है और वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इन घटनाओं के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नई सैन्य कार्रवाई शुरू की, जिसके कुछ ही घंटों बाद ट्रंप का यह बयान सामने आया.
बातचीत को बताया समय की बर्बादी
हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक स्तर पर बातचीत जारी रह सकती है, लेकिन उन्होंने ऐसी कोशिशों को ज्यादा उपयोगी नहीं माना. उनके मुताबिक मौजूदा हालात में इस तरह की वार्ता से कोई ठोस नतीजा निकलने की संभावना कम है. ट्रंप ने संकेत दिया कि जब तक परिस्थितियां नहीं बदलतीं, तब तक ईरान के साथ किसी नई पहल की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.


