भारत-पाक के बीच परमाणु युद्ध का खतरा अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु टकराव का खतरा बताया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियां तनाव बढ़ा सकती हैं, जबकि पाकिस्तान की मिसाइल क्षमता को अमेरिका के लिए भी संभावित खतरा माना गया है.

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नई दिल्ली: दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने भारत और पाकिस्तान को लेकर गंभीर चिंता जताई है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच हालात कभी भी बिगड़ सकते हैं, खासकर तब जब आतंकवादी गतिविधियां माहौल को भड़काने का काम करें. अमेरिका की खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई यह वार्षिक रिपोर्ट हाल ही में अमेरिकी सीनेट में पेश की गई. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु टकराव का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. हालांकि दोनों देश सीधे युद्ध नहीं चाहते, लेकिन हालात ऐसे बन सकते हैं जो संघर्ष को बढ़ावा दें. रिपोर्ट के अनुसार, दोनों देशों के बीच पहले भी कई बार तनाव बढ़ चुका है और हर बार स्थिति खतरनाक मोड़ पर पहुंची है. ऐसे में भविष्य में भी इसी तरह की घटनाओं की आशंका बनी हुई है.

आतंकवाद बना सबसे बड़ा कारण

इस रिपोर्ट में खास तौर पर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का जिक्र किया गया है. इसमें कहा गया है कि आतंकी हमले दोनों देशों के बीच तनाव को भड़काने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं. रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले का उदाहरण दिया गया, जिसमें कई लोगों की जान गई थी. ऐसे हमलों से दोनों देशों के बीच स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है और सैन्य कार्रवाई की नौबत आ सकती है.

युद्ध टालने की कोशिशें भी जारी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान दोनों ही खुले युद्ध से बचना चाहते हैं. पिछले साल बनी तनावपूर्ण स्थिति का जिक्र करते हुए बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए हालात को संभाला गया था. हालांकि, यह भी चेतावनी दी गई है कि जब तक क्षेत्र में आतंकवादी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक शांति पूरी तरह कायम नहीं हो सकती.

अमेरिका को पाकिस्तान से खतरा

इस रिपोर्ट का एक और अहम हिस्सा पाकिस्तान की सैन्य क्षमता से जुड़ा है. अमेरिकी खुफिया प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान की मिसाइल तकनीक लगातार उन्नत हो रही है. कुछ मिसाइलें इतनी लंबी दूरी तय कर सकती हैं कि वे अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम हो सकती हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के साथ-साथ रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान भी नई सैन्य तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जिससे वैश्विक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.

रिपोर्ट में यह साफ किया गया है कि दुनिया के कई देशों के पास परमाणु हथियार हैं और इनकी बढ़ती क्षमता चिंता का कारण है. अमेरिका ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए मजबूत रक्षा प्रणाली बनाए हुए है, लेकिन फिर भी इन खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. First Updated : Thursday, 19 March 2026