Pakistan Train Hijack Operation: एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि सैकड़ों लोगों को ले जा रही ट्रेन पर आतंकवादी हमला समाप्त हो गया है, जिसमें दिन भर चले गतिरोध के बाद 50 से अधिक हमलावर मारे गए. वहीं बंधक बनाए गए कुछ लोगों की मौत हुई है. बलूचिस्तान प्रांत के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने प्रांतीय विधानसभा को बताया कि "हम लोग भी शहीद हुए हैं, लेकिन हम बाद में विवरण साझा करेंगे."
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि 300 से ज़्यादा बंधकों को बचा लिया गया है और ऑपरेशन पूरा हो गया है. उन्होंने मारे गए बंधकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बात की क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं थी. अलगाववादियों ने मंगलवार को दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत के एक सुदूर इलाके में एक सुरंग में लगभग 450 लोगों को ले जा रही ट्रेन पर हमला किया.
हमले में एक व्यक्ति ने उस ट्रेन पर होने वाली अराजकता का वर्णन किया, जब बागियों ने हमला शुरू किया. इस दौरान यात्री डर के मारे बुरी स्थिति में थे. हमले के बाद, सुरक्षा बलों ने बड़ी संख्या में यात्रियों को बचाया, जिन्हें घायल अवस्था में अस्पताल भेजा गया.
गुरुवार, 12 मार्च 2025 को बलूचिस्तान प्रांत के बोलान जिले के मुष्काफ क्षेत्र में बगावतियों ने यात्री ट्रेन पर हमला किया था. सुरक्षा बलों और पुलिस ने हमले के बाद तुरंत प्रतिक्रिया दी और कुछ ही समय में हमलावरों को हटा दिया. घायल और सुरक्षित यात्रियों को क्वेटा रेलवे स्टेशन पर लाया गया, जहां एंबुलेंस और चिकित्सा सहायता मुहैया कराई गई. बचाए गए यात्रियों ने राहत की सांस ली और एक-दूसरे को सांत्वना दी.
इस हमले में कई लोग घायल हुए और कुछ की मौत हो गई, हालांकि ठीक से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है. हमलावरों ने इस हमले को एक राजनीतिक उद्देश्य के तहत अंजाम दिया है, और BLA के प्रवक्ता ने कहा है कि वे अपनी मांगों के लिए सरकार से वार्ता करने को तैयार हैं. उन्होंने कहा कि उनके समूह ने कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, जिनमें राजनीतिक कैदियों का आदान-प्रदान शामिल है.
इस हमले ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है, जहां पहले भी बगावतियों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष होते रहे हैं. पाकिस्तान सरकार को अब इस मामले पर गंभीरता से विचार करना होगा और यह देखना होगा कि किस तरह से इस संकट को शांत किया जा सकता है. First Updated : Wednesday, 12 March 2025