वॉशिंगटनः संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में कथित धांधली की जांच की मांग की है. उन्होंने इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला करार दिया और कहा कि न्याय विभाग (डीओजे) को इस मामले को गंभीरता से देखना चाहिए. ट्रंप ने डाक द्वारा मतदान और समय से पहले मतदान की प्रथा को समाप्त करने की वकालत की. उन्होंने मतदाता पहचान पत्र (Voter ID) को अनिवार्य करने पर जोर दिया.
ट्रंप ने कैलिफोर्निया के प्रस्ताव 50 की भी आलोचना की, जिसका उद्देश्य कांग्रेस के जिलों का पुनः निर्धारण करना है. उन्होंने इसे बेईमान और धोखाधड़ी भरा बताया. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा, "2020 का राष्ट्रपति चुनाव, धांधली और चोरी का शिकार होना एक बहुत बड़ा घोटाला है. हमें देखना चाहिए कि हमारे देश के साथ क्या हुआ. मुझे उम्मीद है कि न्याय विभाग इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े घोटाले के बराबर गंभीरता से जांचेगा."
ट्रंप ने विशेष रूप से कहा कि डाक से भेजे जाने वाले मतपत्र और जल्दी मतदान जैसी प्रथाओं को रोकना चाहिए. उनका मानना है कि इसके बजाय मतदाता पहचान पत्र को अनिवार्य करना चाहिए ताकि चुनाव में धोखाधड़ी को रोका जा सके. उन्होंने चेतावनी दी कि रिपब्लिकन को सतर्क रहना होगा और समय रहते चुनाव सुधार के कदम उठाने होंगे.
इस विवाद के बीच पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी बैलट पहल और मतदान की प्रक्रिया का समर्थन किया है. अमेरिका में 4 नवंबर को मतदान होना है, जबकि प्रारंभिक मतदान पहले ही शुरू हो चुका है.
2020 के राष्ट्रपति चुनाव में जो बिडेन से हारने के बाद ट्रम्प ने लगातार चुनाव में धांधली होने का दावा किया. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों और अदालतों ने इन दावों को व्यापक रूप से खारिज कर दिया.
चुनाव के लगभग दो महीने बाद 6 जनवरी 2021 को वाशिंगटन डीसी स्थित यूनाइटेड स्टेट्स कैपिटल में ट्रंप समर्थकों ने घुसपैठ की. उस समय कांग्रेस चुनाव परिणामों को प्रमाणित करने के लिए बैठक कर रही थी. सरकारी ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, 2,000 से अधिक लोग कैपिटल भवन में घुस गए.
घुसपैठ करने वाले लोगों ने हिंसा, लूटपाट और बर्बरता की घटनाएं कीं. वे तत्कालीन स्पीकर नैन्सी पेलोसी और अन्य कांग्रेस सदस्यों के कार्यालयों में घुस गए और संयुक्त राज्य अमेरिका कैपिटल पुलिस के अधिकारियों तथा पत्रकारों पर भी हमला किया. इस हमले ने अमेरिका में लोकतांत्रिक संस्थानों और चुनाव प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाए.
First Updated : Monday, 27 October 2025