ईरान डील पर ट्रंप की बड़ी चेतावनी, कहा 'बात नहीं बनी तो फिर से बम गिराना शुरू करूंगा'
ट्रंप का कहना है कि ईरान डील अभी पक्की नहीं हुई है; अगर बातचीत नाकाम रही, तो बम गिराने का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है।

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज में ईरान को चेतावनी दी है। फ्रांस में G7 समिट के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान के साथ साइन हुआ समझौता ज्ञापन यानी MoU फाइनल नहीं है। अगर तेहरान सही तरीके से पेश नहीं आया तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है।
ट्रंप की ये टिप्पणी स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच MoU पर आधिकारिक साइन होने से ठीक दो दिन पहले आई है। इससे साफ है कि डील अभी भी काफी नाजुक स्थिति में है।
MoU पर ट्रंप का दो टूक बयान
ट्रंप ने कहा, "यह फाइनल नहीं है। यह सिर्फ एक समझौता ज्ञापन है। अगर मुझे यह पसंद नहीं आया, या अगर ईरान ठीक से पेश नहीं आया, तो हम सीधे उनके सिर पर बम गिराना शुरू कर देंगे। क्योंकि वे 47 सालों से गलत व्यवहार कर रहे हैं।"
ट्रंप G7 समिट में पहुंचने के बाद से ही ईरान डील की तारीफ कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी वजह से दुनिया भर में आने वाली मंदी टल गई, जिसे कुछ लोग बढ़ावा दे रहे थे। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि वो लोग कौन थे जिन्हें उन्होंने बेवकूफ कहा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ी घोषणा
ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य जो ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का अहम रास्ता है, अब आंशिक रूप से खुल चुका है। उनके मुताबिक अगले एक-दो दिन में यह पूरी तरह खुल जाएगा। होर्मुज का खुलना दुनिया के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि यहां से गुजरने वाले तेल और गैस पर कई देशों की एनर्जी सिक्योरिटी टिकी है।
60 दिन के सीजफायर पर बनी सहमति
G7 समिट शुरू होने से एक दिन पहले अमेरिका और ईरान ने उस युद्ध को खत्म करने के लिए एक फ्रेमवर्क का ऐलान किया था। इस युद्ध ने पूरे मिडल ईस्ट को प्रभावित किया था और एनर्जी सप्लाई को ठप कर दिया था।
हालांकि डील की पूरी डिटेल सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इसमें 60 दिनों तक लड़ाई रोकने, होर्मुज को दोबारा खोलने और ईरान पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात शामिल है।
ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान समझौते का पालन करता है तो स्थिति सामान्य हो सकती है। लेकिन उनका अंदाज बता रहा है कि अमेरिका के पास प्लान B भी तैयार है। अब सबकी नजर स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक साइनिंग पर है, जहां तय होगा कि ये डील आगे बढ़ती है या फिर एक और तनाव की शुरुआत होती है।


