रूस के तेल ठिकानों पर यूक्रेन का ताबड़तोड़ हमला, आजोव सागर में मौजूद टैंकरों को बनाया निशाना

यूक्रेन ने रूस के तेल डिपो और आज़ोव सागर में मौजूद टैंकरों पर बड़े ड्रोन हमले किए, जिससे ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचा. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि रूस के ऊर्जा ढांचे पर किए जा रहे हमले उनकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं.

Shraddha Mishra

मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंच गया है. गुरुवार को यूक्रेन ने रूस के कई अहम ऊर्जा ठिकानों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए. इन हमलों में तेल डिपो और आज़ोव सागर में मौजूद दो तेल टैंकर आग की चपेट में आ गए. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को अपने शहरों की सुरक्षा के लिए पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के उत्पादन का लाइसेंस देने का वादा किया है. हालांकि, यूक्रेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि इन इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन में एक साल या उससे अधिक समय लग सकता है. 

वहीं, रूस ने अमेरिका के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वॉशिंगटन की नीति स्पष्ट नहीं है. क्रेमलिन का कहना है कि यह कदम अमेरिका के असमंजसपूर्ण रवैये को दर्शाता है. इसके बावजूद रूस ने यह भी माना कि ट्रंप युद्ध समाप्त कराने और शांति समझौते की दिशा में प्रयास कर रहे हैं, जिसकी सराहना की जानी चाहिए.

रूस के तेल ठिकानों पर यूक्रेन का निशाना

यूक्रेन लगातार रूस के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है. गुरुवार तड़के पश्चिमी रूस के तवेर शहर में स्थित एक बड़े तेल डिपो पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई. क्षेत्र के कार्यवाहक गवर्नर विटाली कोरोल्योव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दमकल की टीमें कई घंटों तक आग बुझाने में जुटी रहीं. इसी तरह दक्षिणी स्टावरोपोल क्षेत्र के व्याज़निकी इलाके में स्थित एक तेल भंडारण केंद्र पर भी ड्रोन हमला हुआ. गवर्नर व्लादिमीर व्लादिमीरोव ने बताया कि आग तेजी से फैलने लगी, जिसके बाद आसपास के कई अपार्टमेंट भवनों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया.

आजोव सागर में दो तेल टैंकर बने निशाना

रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्लूसर के अनुसार, आज़ोव सागर में मौजूद दो तेल टैंकरों पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई. इनमें से एक टैंकर लंबे समय तक जलता रहा, जबकि चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमलों की संख्या बढ़ी है. माना जा रहा है कि यूक्रेन रूस के कब्जे वाले क्रीमिया तक ईंधन की आपूर्ति को बाधित करने के उद्देश्य से इन हमलों को अंजाम दे रहा है.

रूस में ईंधन संकट गहराने लगा

रूस के कई हिस्सों में तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर लगातार हो रहे हमलों का असर अब आम लोगों पर भी दिखाई देने लगा है. कई क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है. कुछ जगहों पर ईंधन की कमी के कारण राशनिंग लागू करनी पड़ी है, जबकि पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद ईंधन मिल पा रहा है.

ज़ेलेंस्की ने बताई हमलों की वजह

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस के ऊर्जा ढांचे पर किए जा रहे हमले उनकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं. उनके अनुसार, जब तक मॉस्को युद्ध रोकने के लिए तैयार नहीं होता, तब तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि यह रूस पर दबाव बनाने का एक तरीका है.

दोनों देशों ने किया हमलों का दावा

रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि बुधवार देर रात से गुरुवार सुबह तक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 73 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए. दूसरी ओर, यूक्रेन की वायु सेना ने कहा कि रूस ने बीती रात उसके विभिन्न इलाकों पर 94 लंबी दूरी के ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से 72 ड्रोन को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया या रोक लिया गया. हालांकि, 19 ड्रोन और दोनों बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंच गईं, जिससे देश के 13 अलग-अलग स्थानों पर नुकसान हुआ.

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