Trump-Putin Meeting: रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में हाल ही में एक नया मोड़ आया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अलास्का में हुई शिखर वार्ता के दौरान स्पष्ट कर दिया कि यदि यूक्रेन डोनेट्स्क और लुहान्स्क से पूरी तरह पीछे हट जाता है तो वह संघर्षविराम के लिए तैयार हैं. पुतिन ने दावा किया कि उनकी यह शर्त मान ली गई तो खेरसॉन और जापोरिज्जिया जैसे क्षेत्रों में सीमावर्ती स्थिरता लाई जा सकती है.
रिपोर्टों के अनुसार, खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में रूसी सेना पहले से ही बड़े हिस्से पर कब्ज़ा जमा चुकी है. हालांकि पुतिन ने आश्वासन दिया है कि इन क्षेत्रों में और आगे विस्तार के लिए नए हमले नहीं किए जाएंगे. वर्तमान स्थिति में, खेरसॉन और जापोरिज्जिया के पश्चिमी हिस्से को छोड़कर दोनों क्षेत्र लगभग पूरी तरह रूस के कब्जे में हैं.
पिछले साल नवंबर से रूस ने डोनेट्स्क और लुहान्स्क में अपनी स्थिति को काफी मजबूत किया है. डोनेट्स्क का लगभग 70% हिस्सा अब रूस के नियंत्रण में है, लेकिन पश्चिमी शहर अभी भी यूक्रेन के पास हैं. लुहान्स्क में रूस लगभग पूरे क्षेत्र पर हावी हो चुका है. पुतिन का प्रस्ताव इसी पृष्ठभूमि में आया है, जिससे युद्धविराम के लिए आधार तैयार किया जा सके.
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को पुतिन की इन शर्तों से अवगत करा दिया है. हालांकि, जेलेंस्की का रुख स्पष्ट है कि वे डोनेट्स्क से जुड़े समझौते को मानने के पक्ष में नहीं हैं. इसके बावजूद, उन्होंने संकेत दिया है कि वे वाशिंगटन यात्रा के दौरान ट्रंप के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं.
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पुतिन सूमी और खार्किव क्षेत्रों के कुछ हिस्सों को यूक्रेन को वापस करने के लिए इच्छुक हैं. लेकिन यूक्रेनी अधिकारियों ने इस पेशकश को गंभीरता से लेने से इंकार कर दिया है, क्योंकि इन दोनों क्षेत्रों में रूस का कब्ज़ा बहुत छोटा है.
खबरों के अनुसार, ज़ेलेंस्की ने ट्रंप को संदेश दिया है कि यदि पुतिन तैयार हों तो वह एक त्रिपक्षीय बैठक में शामिल होने के इच्छुक हैं. इससे पहले ट्रंप भी रूस और यूक्रेन के बीच सभी विवादों को सुलझाने के लिए त्रिपक्षीय बैठक का प्रस्ताव रख चुके हैं.
अलास्का सम्मेलन के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है. लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यूरोपीय देश और यूक्रेन उभरती प्रगति में अड़चन डालने की कोशिश न करें. पुतिन का दावा है कि यदि उनकी शर्तों पर सहमति बनती है तो यूक्रेन में शांति की राह प्रशस्त हो सकती है.
First Updated : Sunday, 17 August 2025